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Shubham Rai 'shubh'
pairo'n men larjish haar ka sandesha hai
pairo'n men larjish haar ka sandesha hai | पैरों में लर्जिश हार का संदेशा है
- Shubham Rai 'shubh'
पैरों
में
लर्जिश
हार
का
संदेशा
है
हिम्मत
सफ़लता
की
अकेली
साथी
है
- Shubham Rai 'shubh'
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बाजी
बदी
थी
उसने
मेरे
चश्मे-तर
के
साथ
आख़िर
को
हार
हार
के
बरसात
रह
गई
Khwaja Meer Dard
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चेहरों
को
पैरों
से
कुचल
कर
आगे
बढ़
जाना
जीत
इसी
को
कहते
हैं
तो
फिर
मैं
हार
गया
Hasan Shahnawaz Zaidi
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हम
हार
गए
तुम
जीत
गए
हम
ने
खोया
तुम
ने
पाया
इन
छोटी
छोटी
बातों
का
हम
कोई
ख़याल
नहीं
करते
Wali Aasi
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यूँँ
ही
हमेशा
उलझती
रही
है
ज़ुल्म
से
ख़ल्क़
न
उनकी
रस्म
नई
है,
न
अपनी
रीत
नई
यूँँ
ही
हमेशा
खिलाए
हैं
हमने
आग
में
फूल
न
उनकी
हार
नई
है,
न
अपनी
जीत
नई
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Faiz Ahmad Faiz
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वो
मिरी
बाहों
में
बे-फ़िक्र
मुलव्विस
हुई
है
कब्र
पे
हार
कोई
फूलों
का
रक्खा
हुआ
है
Raj
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तेरा
मोहब्बत
से
हार
जाना
मेरी
मोहब्बत
की
हार
भी
है
Siddharth Saaz
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दोनों
जहान
तेरी
मोहब्बत
में
हार
के
वो
जा
रहा
है
कोई
शब-ए-ग़म
गुज़ार
के
Faiz Ahmad Faiz
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मज़ा
तो
तब
है
कि
तुम
हार
के
भी
हँसते
रहो
हमेशा
जीत
ही
जाना
कमाल
थोड़ी
है
Parveen Shakir
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एक
दिन
दोनों
ने
अपनी
हार
मानी
एक
साथ
एक
दिन
जिस
से
झगड़ते
थे
उसी
के
हो
गए
Nomaan Shauque
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वाक़िफ़
कहाँ
ज़माना
हमारी
उड़ान
से
वो
और
थे
जो
हार
गए
आसमान
से
Faheem Jogapuri
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दोस्ती
से
दुश्मनी
तक
यानी
ख़ूबी
से
कमी
तक
भाव
अच्छा
चाहता
है
जानवर
से
आदमी
तक
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Shubham Rai 'shubh'
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जिसका
था
इंतिज़ार
वो
गाड़ी
निकल
गई
पानी
समझ
के
जो
पिया
ताड़ी
निकल
गई
महबूब
को
मियाँ
कल
अनाड़ी
जो
समझा
था
मुझ
सेे
बिछड़ते
ही
वो
खिलाड़ी
निकल
गई
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Shubham Rai 'shubh'
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कि
दर्द-ए-सुख़न
गुनगुनाते
हुए
ज़रा
ठहरा
तुझको
सुनाते
हुए
सभी
पीर
समझे
मिरा
इसलिए
तुझे
गाया
है
बुदबुदाते
हुए
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Shubham Rai 'shubh'
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ख़ुदा
का
घर
अगर
कोई
नहीं
है
दिखा
मुझको
कि
डर
कोई
नहीं
है
उड़ी
दरगाह
की
चादर
हवा
में
बता
मौला
का
दर
कोई
नहीं
है
सभी
भगवान
जब
इंसान
में
हैं
तो
क्या
आदर्श
नर
कोई
नहीं
है
सिखाते
हैं
ग़ज़ल
कहना
वो
हमको
अभी
जिनको
हुनर
कोई
नहीं
है
धरा
पर
मोक्ष
है
अपना
बनारस
बनारस
सा
नगर
कोई
नहीं
है
बहुत
सारे
मकाँ
परदेस
में
हैं
मगर
घर
सा
शजर
कोई
नहीं
है
नवाज़िश
आपकी
है
सामने
हूँ
इधर
इल्म-ओ-हुनर
कोई
नहीं
है
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Shubham Rai 'shubh'
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ये
लोग
पूछेंगे
हमें
ज़रा
ख़राब
होने
दो
अधर
से
चूम
लेंगे
बस
मियाँ
शराब
होने
दो
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Shubham Rai 'shubh'
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