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Shubham Rai 'shubh'
muflisi men zakaat koi kare
muflisi men zakaat koi kare | मुफ़्लिसी में ज़कात कोई करे
- Shubham Rai 'shubh'
मुफ़्लिसी
में
ज़कात
कोई
करे
बे-ग़रज़
मुझ
सेे
बात
कोई
करे
मुस्कुराते
छिपा
लिया
दुख
बहुत
दुख
से
हमको
नजात
कोई
करे
- Shubham Rai 'shubh'
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फ़रिश्ते
से
बढ़
कर
है
इंसान
बनना
मगर
इस
में
लगती
है
मेहनत
ज़ियादा
Altaf Hussain Hali
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रोते
फिरते
हैं
सारी
सारी
रात
अब
यही
रोज़गार
है
अपना
Meer Taqi Meer
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बी.ए
भी
पास
हों
मिले
बी-बी
भी
दिल-पसंद
मेहनत
की
है
वो
बात
ये
क़िस्मत
की
बात
है
Akbar Allahabadi
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मज़दूर
भले
सारी
ही
उम्र
करे
मेहनत
बेटी
की
विदाई
लायक़
पैसे
नहीं
होते
Amaan Pathan
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एक
ही
तो
हवस
रही
है
हमें
अपनी
हालत
तबाह
की
जाए
Jaun Elia
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मिल
के
होती
थी
कभी
ईद
भी
दीवाली
भी
अब
ये
हालत
है
कि
डर
डर
के
गले
मिलते
हैं
Unknown
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बद-हवा
सेी
है
बे-ख़याली
है
क्या
ये
हालत
भी
कोई
हालत
है
ज़िंदगी
से
है
जंग
शाम-ओ-सहर
मौत
से
शिकवा
है
शिकायत
है
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Chandan Sharma
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ख़ुद
जिसे
मेहनत
मशक़्क़त
से
बनाता
हूँ
'जमाल'
छोड़
देता
हूँ
वो
रस्ता
आम
हो
जाने
के
बाद
Jamal Ehsani
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कब
करे
ये
दिल
मुहब्बत
नौकरी
दिन
खा
रही
है
Ravi 'VEER'
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इश्क़
अगर
बढ़ता
है
तो
फिर
झगड़े
भी
तो
बढ़ते
हैं
आमदनी
जब
बढ़ती
है
तो
ख़र्चे
भी
तो
बढ़ते
हैं
माना
मंज़िल
नहीं
मिली
है
हमको
लेकिन
रोज़ाना
एक
क़दम
उसकी
जानिब
हम
आगे
भी
तो
बढ़ते
हैं
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Tanoj Dadhich
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कि
दर्द-ए-सुख़न
गुनगुनाते
हुए
ज़रा
ठहरा
तुझको
सुनाते
हुए
सभी
पीर
समझे
मिरा
इसलिए
तुझे
गाया
है
बुदबुदाते
हुए
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Shubham Rai 'shubh'
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मेरे
हक़
में
वो
इबादत
भी
करती
है
मुझ
सेे
वो
बेहद
मोहब्बत
भी
करती
है
जो
कभी
ऑफ़िस
से
हम
लौटे
देर
से
तो
वो
चौखट
पर
शरारत
भी
करती
है
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Shubham Rai 'shubh'
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फँसी
कश्ती
हमारी
है
दुखों
का
बोझ
भारी
है
सँभल
कर
चल
रहा
हूँ
जो
दया
गिरधर
तुम्हारी
है
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Shubham Rai 'shubh'
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क़बीले
के
अपने
वफ़ादार
तुम
हो
हो
जनता
की
हामी
या
इनकार
तुम
हो
हक़ीक़त
क़लम
से
निकलती
नहीं
है
ख़रीदा
हुआ
जैसे
अख़बार
तुम
हो
दिखाओगे
तुम
तो
धमक
रंगदारी
है
नेता
सभी
गुंडे
सरकार
तुम
हो
दिखाकर
के
सपने
जो
काटी
हैं
ज़ेबें
गरीबों
के
कैसे
मददगार
तुम
हो
ग़नीमत
है
हम
बोल
देते
हैं
वर्ना
भगत
सब
तुम्हारे
निराकार
तुम
हो
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Shubham Rai 'shubh'
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डरावनी
है
जो
तुझ
को
तिरी
क़ज़ा
ही
न
हो
न
भाग
इतना
कि
अंजाम
का
पता
ही
न
हो
दिखावे
की
होड़
में
क्या
मिले
नहीं
आप
से
दिखा
रहे
जैसे
कुछ
भी
अता
पता
ही
न
हो
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Shubham Rai 'shubh'
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