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Shubham Rai 'shubh'
jawaani men mohabbat ka nasha bilkul puraana hai
jawaani men mohabbat ka nasha bilkul puraana hai | जवानी में मोहब्बत का नशा बिलकुल पुराना है
- Shubham Rai 'shubh'
जवानी
में
मोहब्बत
का
नशा
बिलकुल
पुराना
है
किसी
को
दिल
जलाना
है
किसी
को
दिल
लगाना
है
फँसे
हैं
आजकल
बूढ़े
भी
चंगुल
में
मोहब्बत
के
जला
सकता
नहीं
ढिबरी
जिसे
अरमाँ
जलाना
है
- Shubham Rai 'shubh'
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नहीं
निगाह
में
मंज़िल
तो
जुस्तुजू
ही
सही
नहीं
विसाल
मुयस्सर
तो
आरज़ू
ही
सही
Faiz Ahmad Faiz
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मुझे
ये
डर
है
तेरी
आरज़ू
न
मिट
जाए
बहुत
दिनों
से
तबीअत
मिरी
उदास
नहीं
Nasir Kazmi
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इस
क़दर
था
खटमलों
का
चारपाई
में
हुजूम
वस्ल
का
दिल
से
मिरे
अरमान
रुख़्सत
हो
गया
Akbar Allahabadi
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वही
मंज़िलें
वही
दश्त
ओ
दर
तिरे
दिल-ज़दों
के
हैं
राहबर
वही
आरज़ू
वही
जुस्तुजू
वही
राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ
Noon Meem Rashid
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ग़म-ए-हयात
ने
आवारा
कर
दिया
वर्ना
थी
आरज़ू
कि
तिरे
दर
पे
सुब्ह
ओ
शाम
करें
Majrooh Sultanpuri
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कुछ
इस
लिए
भी
तेरी
आरज़ू
नहीं
है
मुझे
मैं
चाहता
हूँ
मेरा
इश्क़
जावेदानी
हो
Vipul Kumar
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कटती
है
आरज़ू
के
सहारे
पे
ज़िंदगी
कैसे
कहूँ
किसी
की
तमन्ना
न
चाहिए
Shaad Arfi
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मुझ
को
ये
आरज़ू
वो
उठाएँ
नक़ाब
ख़ुद
उन
को
ये
इंतिज़ार
तक़ाज़ा
करे
कोई
Asrar Ul Haq Majaz
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आरज़ू'
जाम
लो
झिजक
कैसी
पी
लो
और
दहशत-ए-गुनाह
गई
Arzoo Lakhnavi
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नाज़-ओ-नख़रे
क्या
उठाए,
क्या
सुने
उस
के
गिले
देखते
ही
देखते
लड़की
घमंडी
हो
गई
देखते
रहने
में
उस
को
और
क्या
होता,
मगर
जो
थी
जान-ए-आरज़ू,
वो
चाय
ठंडी
हो
गई
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Kazim Rizvi
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करोगे
याद
तो
बीते
ज़माने
याद
आएँगे
कि
आएगा
नहीं
वो
बस
फ़साने
याद
आएँगे
बचेगा
जब
नहीं
रहबर
न
कोई
राह
निकलेगा
फँसे
नय्या
को
फिर
साहिल
पुराने
याद
आएँगे
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Shubham Rai 'shubh'
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बख़्त
अच्छा
हुआ
सो
मिलने
आए
हैं
वर्ना
तो
लोग
काफ़ी
व्यस्त
रहते
हैं
Shubham Rai 'shubh'
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सुनाते
नहीं
थे
सुनाना
पड़ा
है
उसे
दर्द
मुझको
दिखाना
पड़ा
है
मुहब्बत
सफ़र
है
मुसाफ़िर
हैं
हम
भी
सो
दिल
को
ठिकाना
बनाना
पड़ा
है
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Shubham Rai 'shubh'
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छुप
के
दीदार
बहुत
करता
है
मुझको
बेज़ार
बहुत
करता
है
प्यार
वो
रात-गए
करता
है
दिन
में
तकरार
बहुत
करता
है
काम
करता
है
सभी
मेरा
पर
पहले
इनकार
बहुत
करता
है
मेरे
झुमके
के
लिए
वो
घर
को
ख़ास-बाज़ार
बहुत
करता
है
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Shubham Rai 'shubh'
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दर्द
ले
आप
के
पास
से
आ
गए
हाँ
मुलाक़ात
कर
ख़ास
से
आ
गए
और
बोतल
उठाया
गला
तर
करूँँ
जाम
के
बाद
रख
प्यास
भी
आ
गए
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Shubham Rai 'shubh'
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