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Prince
muntashir hain ab ki saare khwaab meri aankhoñ men
muntashir hain ab ki saare khwaab meri aankhoñ men | मुन्तशिर हैं अब कि सारे ख़्वाब मेरी आँखों में
- Prince
मुन्तशिर
हैं
अब
कि
सारे
ख़्वाब
मेरी
आँखों
में
कोई
ले
गया
समेट
कर
के
नींद
आँखों
की
- Prince
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हम
उसे
आँखों
की
दहलीज़
न
चढ़ने
देते
नींद
आती
न
अगर
ख़्वाब
तुम्हारे
लेकर
एक
दिन
उसने
मुझे
पाक
नज़र
से
चूमा
उम्र
भर
चलना
पड़ा
मुझको
सहारे
लेकर
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Aalok Shrivastav
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मैंने
मुद्दत
से
कोई
ख़्वाब
नहीं
देखा
है
हाथ
रख
दे
मेरी
आँखों
पे
कि
नींद
आ
जाए
Waseem Barelvi
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इक
कली
की
पलकों
पर
सर्द
धूप
ठहरी
थी
इश्क़
का
महीना
था
हुस्न
की
दुपहरी
थी
ख़्वाब
याद
आते
हैं
और
फिर
डराते
हैं
जागना
बताता
है
नींद
कितनी
गहरी
थी
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Vikram Gaur Vairagi
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नींद
भी
जागती
रही
पूरे
हुए
न
ख़्वाब
भी
सुब्ह
हुई
ज़मीन
पर
रात
ढली
मज़ार
में
Adil Mansuri
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ये
तेरे
ख़त
ये
तेरी
ख़ुशबू
ये
तेरे
ख़्वाब-ओ-ख़याल
मता-ए-जाँ
हैं
तेरे
कौल
और
क़सम
की
तरह
गुज़िश्ता
साल
मैंने
इन्हें
गिनकर
रक्खा
था
किसी
ग़रीब
की
जोड़ी
हुई
रक़म
की
तरह
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Jaun Elia
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ख़िलाफ़-ए-शर्त-ए-अना
था
वो
ख़्वाब
में
भी
मिले
मैं
नींद
नींद
को
तरसा
मगर
नहीं
सोया
ख़िलाफ़-ए-मौसम-ए-दिल
था
कि
थम
गई
बारिश
ख़िलाफ़-ए-ग़ुर्बत-ए-ग़म
है
कि
मैं
नहीं
रोया
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Khalil Ur Rehman Qamar
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गुज़र
रहा
हूँ
किसी
ख़्वाब
के
इलाक़े
से
ज़मीं
समेटे
हुए
आसमाँ
उठाए
हुए
Aziz Nabeel
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तसव्वुर
में
भी
अब
वो
बे-नक़ाब
आते
नहीं
मुझ
तक
क़यामत
आ
चुकी
है
लोग
कहते
हैं
शबाब
आया
Hafeez Jalandhari
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जब
भी
माँगूँ
तेरी
ख़ुशी
माँगूँ
और
दुआएँ
ख़ुदा
तलक
जाएँ
ख़्वाब
आएँ
तो
नींद
यूँँ
महके
आँख
से
ख़ुशबुएँ
छलक
जाएँ
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Ritesh Rajwada
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जब
भी
कश्ती
मिरी
सैलाब
में
आ
जाती
है
माँ
दु'आ
करती
हुई
ख़्वाब
में
आ
जाती
है
Munawwar Rana
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बता
कैसे
समझते
फिर
भला
अहल-ए-जहाँ
तुमको
न
तुमको
जान
पाए
प्रिंस
तेरे
जानने
वाले
Prince
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कर
लिया
तबाह
मैंने
ख़ुद
को
मेरी
जान
देख
तेरे
दिल
की
थी
ये
आरज़ू
सो
पूरी
कर
चले
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अगर
तुम
प्यार
का
मानी
नहीं
समझे
कि
फिर
तुम
यार
क़ुरबानी
नहीं
समझे
कि
कैसे
डूबता
हूँ
याद
में
उसकी
ये
टपका
आँख
से
पानी
नहीं
समझे
कि
कैसे
यार
हो
मेरे
भला
तुम
जो
ये
आँखों
में
परेशानी
नहीं
समझे
अगर
मेरे
नहीं
वो
पास
तो
क्या
है
कि
उसका
साथ
रूहानी
नहीं
समझे
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Prince
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तेरी
यादों
की
तारीकी
में
जाँ
हम
अपना
दिल
जलाया
करते
हैं
Prince
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ये
क़ुर्बानी
फ़क़त
क्यूँँ
माँगती
है
रब
बता
उल्फ़त
कहीं
कोई
बला
है
क्या
Prince
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