kaise jeetenge jang lashkar se | कैसे जीतेंगे जंग लश्कर से

  - Mohammad Aquib Khan
कैसेजीतेंगेजंगलश्करसे
हमतोउलझेहुएहैंबिस्तरसे
कोईगरकाटकरमुझेदेखे
आपनिकलेंगेमेरेअंदरसे
जबसेइस्तीफ़ाभेजाहैउसने
मेराजीभरगयाहैदफ्तरसे
हरदफारास्तादिखाताहै
मुझकोमंज़िलमिलीहैठोकरसे
हमहरानेगएथेबेहतरको
औरहमहारआएकम'तरसे
शे'रपरदाददर्दकाफीथा
दर्ददुगनाहुआमुकरर्रसे
बनकेवा'इज़गएहैंमय-ख़ाने
आजहमलड़पड़ेहैंसागरसे
फिरसेक्याढूंढ़तीहोतुममुझ
में
तुमकोक्याहीमिलेगाखंडरसे
मैंनेग़ज़लेंसुनाईगारोंकों
चीखआनेलगीथीपत्थरसे
वस्लकादिननहींबताताहै
रोज़लड़ताहूँमैंकैलेंडरसे
चाकदिलठीकक्यूँनहींकरता
मसअलाहैमुझेरफूगरसे
ख़ुदमुझेघरसेदरदरकरके
आपघरपूछतेहैंबेघरसे
बाममस्जिदपेपानीपीनेको
इकपरिंदाउड़ाहैमंदरसे
बारिशेंलौटजाएंगीलेकिन
पानीआतारहेगाछप्परसे
दर्दग़मकेभीलूटताहैमज़े
येहीउम्मीदथीसुख़नवरसे
हमभलेजीतलेंयेसाराजहाँ
हारजाएँगेपरमुकद्दरसे
  - Mohammad Aquib Khan
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