jinko ulfaten apni sarhadon se hoti hain | जिनको उल्फ़तें अपनी सरहदों से होती हैं

  - Mohammad Aquib Khan
जिनकोउल्फ़तेंअपनीसरहदोंसेहोतीहैं
मुल्ककीशमारौशनउनघरोंसेहोतीहै
यूँँतोचाँदतारोंकीअहमियतबहुतहैपर
ख़ूबसूरतीशबकीजुगनूओंसेहोतीहैं
येख़ुदाकीनेमतहैक़द्रकीजिएइनकी
अज़मतेघरानोंकीबेटियोंसेहोतीहैं
तीर,बरछियाँ,तरकशयेमहज़त'कल्लुफहै
जीतजंगमेंअपनेहौसलोंसेहोतीहैं
येसोचनाकेहममररहेहैख़ल्वतमें
मेरीगुफ़्तगूतेरीख़ुशबुओंसेहोतीहैं
बातेंभीवोइतनीपाकीज़गीसेकरताहैं
जैसेलहरोंकीबातेंसाहिलोंसेहोतीहैं
रोज़वोसियासतकोआईनादिखातेहैं
ऐसीजुरअतेंतोबसशा'इरोंसेहोतीहैं
  - Mohammad Aquib Khan
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