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Zain Aalamgir
thii duaaein is hatheli par likhi ab dhundli hai
thii duaaein is hatheli par likhi ab dhundli hai | थी दुआएँ इस हथेली पर लिखी, अब धुंदली है
- Zain Aalamgir
थी
दुआएँ
इस
हथेली
पर
लिखी,
अब
धुंदली
है
वजह
है
आँसू,
कि
सब
मिटते
चले
जाते
मुसलसल
- Zain Aalamgir
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रो
रहा
था
गोद
में
अम्माँ
की
इक
तिफ़्ल-ए-हसीं
इस
तरह
पलकों
पे
आँसू
हो
रहे
थे
बे-क़रार
जैसे
दीवाली
की
शब
हल्की
हवा
के
सामने
गाँव
की
नीची
मुंडेरों
पर
चराग़ों
की
क़तार
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Ehsan Danish
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अपनी
नज़रों
में
गिर
चुका
हूँ
मैं
ये
तरीक़ा
भी
ख़ुद-कुशी
का
था
Bhavesh Pathak
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कुछ
ख़ुशियाँ
कुछ
आँसू
दे
कर
टाल
गया
जीवन
का
इक
और
सुनहरा
साल
गया
Unknown
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मेरे
आँसू
मिरे
अंदर
ही
गिरे
रोने
से
जी
और
बोझल
हो
गया
Abbas Tabish
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उदासी
का
सबब
उस
सेे
जो
हम
तब
पूछ
लेते
वजह
फिर
पूछनी
पड़ती
न
शायद
ख़ुद-कुशी
की
Dipendra Singh 'Raaz'
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मैं
किसी
आँख
से
छलका
हुआ
आँसू
हूँ
'नबील'
मेरी
ताईद
ही
क्या
मेरी
बग़ावत
कैसी
Aziz Nabeel
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ज़िंदगी
इक
फ़िल्म
है
मिलना
बिछड़ना
सीन
हैं
आँख
के
आँसू
तिरे
किरदार
की
तौहीन
हैं
Sandeep Thakur
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गर्म
आँसू
और
ठंडी
आहें
मन
में
क्या
क्या
मौसम
हैं
इस
बग़िया
के
भेद
न
खोलो
सैर
करो
ख़ामोश
रहो
Ibn E Insha
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मेरे
आँसू
नहीं
थम
रहे
कि
वो
मुझ
सेे
जुदा
हो
गया
और
तुम
कह
रहे
हो
कि
छोड़ो
अब
ऐसा
भी
क्या
हो
गया
मय-कदों
में
मेरी
लाइनें
पढ़ते
फिरते
हैं
लोग
मैंने
जो
कुछ
भी
पी
कर
कहा
फ़लसफ़ा
हो
गया
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Tehzeeb Hafi
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ये
आग
वाग
का
दरिया
तो
खेल
था
हम
को
जो
सच
कहें
तो
बड़ा
इम्तिहान
आँसू
हैं
Abhishek shukla
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मल्लाह
जाने
ये
सफ़ीना
ले
चलेगा
किस
तरफ़
उम्मीद
है
मुझको,
सफ़र
का
तजरबा
होगा
हसीं
Zain Aalamgir
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है
हाल
ज़िन्दगी
का
कितना
अजब
कहूँ
क्या
आधी
रहे
कहानी
आधी
रहे
दुहाई
Zain Aalamgir
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'कुन'
तलक
आ
यहाँ
रुकेगा
सब
ना
तिरा
कुछ
रहे,
न
मेरा
कुछ
Zain Aalamgir
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मुंसिफ़
सुनो
तुम,
उम्र-भर
की
ये
सज़ा
कम
ही
लगे
इंसान
को
मिल
मुफ़लिसी,
है
ये
सज़ा-ए-मौत
ही
Zain Aalamgir
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मर
गए
जज़्बात
सबके
ये
बहर
की
जंग
करते
शा'इरी
की
क़द्र
छूटी,
क्या
बहर
फिर,
बे-बहर
क्या
Zain Aalamgir
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