mashwara | "मशवरा"

  - ZafarAli Memon
"मशवरा"
बदलेंगेलोगबदलेंगेउनकेतेवरभी
जानेअनजानेमेंहरतेवरसमझताहूँ
मैंअपनेअलफ़ाज़कोदिल-ओ-दिमाग़सेलिखताहूँ
दिलटूटा'आशिक़हूँहररंगकोपरखताहूँ
अपनीउनहरकतऔरबे-वजहप्यारपर
होनेपरएकशामख़ुदमेंकहींखटकताहूँ
तस्वीरकोदेखकरतेरीलेकरतेरानाम
उनपुरानीयादमेंहररोज़कहींभटकताहूँ
तेरीसबचीज़औरसबतोहफ़ोंको
ख़ूबउनहेंसँवारकरऔरसँभालेरखताहूँ
भूलकरतुझकोअपनेमनसेरद्दकरकेतेरीयादें
शुरूकरनेएकनईज़िंदगीसुब्ह-सवेरेनिकलताहूँ
बे-वफ़ामैंतुझेकहूँगाहीख़ुदकोमतलबी
रहोहमेशातुमख़ुशहालमिन्नतेंइसकीकरताहूँ
मशवरा-ए-ज़फ़रसुनलोदोस्तों
आजमैंतुमकोकहताहूँ
पहलेराज़ीवालिदैनकोबादहीइश्क़करना
रोज़ऐसेकितनेआशिक़ोंमैंदेखताबिछड़ताहूँ
  - ZafarAli Memon
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy