क़ल्ब-ए-ना-शाद की अब ज़रूरत नहीं

  - Zaan Farzaan
क़ल्ब-ए-ना-शादकीअबज़रूरतनहीं
सोतिरीयादकीअबज़रूरतनहीं
मुझकोराह-ए-ख़ुदामेंयेख़ल्वतमिली
मुझकोअफ़रादकीअबज़रूरतनहीं
पड़चुकीहैक़फ़सकीअबआदतमुझे
ज़ुल्म-ए-सय्यादकीअबज़रूरतनहीं
दौलतोंकेइवज़इश्क़मिलताहैयाँ
इश्क़-ए-फरहादकीअबज़रूरतनहीं
बुर्द-बारीसेसबसीखबैठाहूँमैं
दर्स-ए-अजदादकीअबज़रूरतनहीं
चाहिएबसवफ़ादारदोचारदोस्त
ढेरतादादकीअबज़रूरतनहीं
कलतलकजिसकेहोनेसेथीज़िंदगी
उसपरी-ज़ादकीअबज़रूरतनहीं
बे-बसीमेंकभीवोभीतड़पाथा'ज़ान'
जिसकोइमदादकीअबज़रूरतनहीं
  - Zaan Farzaan
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