न इस क़दर तू देख ख़ुद को इश्तिबाह से

  - Zaan Farzaan
इसक़दरतूदेखख़ुदकोइश्तिबाहसे
कोईनहींयहाँजोबचसकागुनाहसे
हरएकक़िस्मकेहैंग़ममिरेभीपासपर
गुरेज़कररहाहूँमैंमेरीहीआहसे
मैंतेराकुछनहींयेतेरेलबकहेंमगर
कभीअयाँहुआनहींतिरीनिगाहसे
मिरीख़िरदख़राबकररहीहैशा'इरी
मुझेख़बरहुईहैमेरेख़ैर-ख़्वाहसे
इकआरज़ूहोगरतोहोंहज़ारकाविशें
किसेमिलाहैकुछयहाँपेसिर्फ़चाहसे
येबे-कलीमिरेबदनकोछोड़तीनहीं
कनीज़कबख़फ़ाहुईहैबादशाहसे
ज़वालउसबशरकोरबनेलाज़मीदिया
कभीसँभलसकानहींजोइंतिबाहसे
हुआहैकुछतोतेरेसाथइश्क़मेंजोतू
पनाहमाँगताहैइश्क़-ए-बे-पनाहसे
वफ़ाकीअहमियतफिरउसकोक्यापताहो'ज़ान'
सदाजोभागतारहाहोरस्म-ओ-राहसे
  - Zaan Farzaan
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