dil ke qaraar-o-zabt kii duniya bikhar gaii | दिल के क़रार-ओ-ज़ब्त की दुनिया बिखर गई

  - ZARKHEZ
दिलकेक़रार-ओ-ज़ब्तकीदुनियाबिखरगई
आँखोंकेसामनेसेहक़ीक़तगुज़रगई
वोज़िंदगीजोहमनेबनाईथीख़्वाबमें
वोज़िंदगीक्याख़्वाबकेअंदरगुज़रगई
सोचाथाजिसकेक़ुर्बसेभरजाएगाख़ला
वोअपनाख़ालीपनभीमेरेनामकरगई
इककर्बथाजोआहसेरौशननहींहुआ
इकबातथीजोख़ौफ़केसाएमेंमरगई
मैंबिस्तर-ए-ख़यालपेलेटाहीथाकिबस
इकशयसियाहरातसीमुझमेंउतरगई
  - ZARKHEZ
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy