hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
ZARKHEZ
agar zaahir karunga aasmaañ par khwaahishein apni
agar zaahir karunga aasmaañ par khwaahishein apni | अगर ज़ाहिर करूँँगा आसमाँ पर ख़्वाहिशें अपनी
- ZARKHEZ
अगर
ज़ाहिर
करूँँगा
आसमाँ
पर
ख़्वाहिशें
अपनी
मुझे
इस
बात
का
डर
है
सितारे
टूट
जाएँगे
- ZARKHEZ
Download Sher Image
मैं
अपने
घर
के
सभी
रास्तों
को
भूल
गया
तेरे
बदन
का
हर
इक
तिल
शुमार
करते
हुए
ZARKHEZ
Send
Download Image
3 Likes
इस
जहाँ
के
सारे
मंज़र
उसकी
आँखों
से
छुए
उसने
नज़रें
फेर
लीं
तो
मैं
भी
अंधा
हो
गया
धीरे
धीरे
हो
गई
मसरूफ़
अपनी
ज़िंदगी
रफ़्ता
रफ़्ता
आशिक़ी
का
शौक़
पूरा
हो
गया
Read Full
ZARKHEZ
Send
Download Image
0 Likes
आइना
उसने
तोड़
फेंका
है
मेरी
आँखों
में
काँच
बिखरा
है
मैं
तेरे
लब
तो
चूम
लेता
हूँ
फिर
मेरे
लब
से
ख़ून
बहता
है
बंद
कर
के
तमाम
दरवाज़े
तेरी
ख़ुशबू
को
रोक
रक्खा
है
मैं
यहाँ
बस्तियों
में
तन्हा
हूँ
दश्त
भी
दश्त
में
अकेला
है
जिस
जगह
तुमने
हाथ
छोड़ा
था
दिल
उसी
बाग़
में
टहलता
है
मेरी
हद
थी
फ़क़त
दरीचों
तक
मेरा
बचपन
ख़राब
गुज़रा
है
फिर
तो
जलना
भी
लाज़िमी
होगा
गर
तुझे
तीरगी
निगलना
है
Read Full
ZARKHEZ
Download Image
0 Likes
हर
एक
सम्त
से
देखूँ
तुम्हें
किसे
मालूम
उदासियों
का
नया
ज़ाविया
निकल
आए
ZARKHEZ
Send
Download Image
4 Likes
तीरगी
में
जब
उतर
जाता
हूँ
मैं
रौशनी
बन
कर
बिखर
जाता
हूँ
मैं
साफ़
हो
जाते
हैं
आवाज़ों
के
अक्स
ख़ामोशी
से
जब
भी
भर
जाता
हूँ
मैं
जो
नहीं
कहना
है
कह
देता
हूँ
वो
जो
नहीं
करना
है
कर
जाता
हूँ
मैं
धूप
सह
कर
भी
नहीं
जलता
बदन
छाँव
में
जाते
ही
मर
जाता
हूँ
मैं
जिस
किसी
को
शा'इरी
से
है
शग़फ़
उस
के
सीने
में
उतर
जाता
हूँ
मैं
ऐसा
सन्नाटा
है
मेरे
चार-सू
अपनी
आहट
से
भी
डर
जाता
हूँ
मैं
Read Full
ZARKHEZ
Download Image
0 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Sooraj Shayari
Berozgari Shayari
Kisaan Shayari
Tasawwur Shayari
Gulshan Shayari