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Khudgarzz Yogesh
na chhedo janaaze ko mere
na chhedo janaaze ko mere | न छेड़ो जनाज़े को मेरे
- Khudgarzz Yogesh
न
छेड़ो
जनाज़े
को
मेरे
सुकूँ
से
है
सोना
मुझे
अब
- Khudgarzz Yogesh
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हुआ
जो
इश्क़
तो
वो
रोज़
ओ
शब
को
भूल
गए
वो
अपने
इश्क़
ए
नुमाइश
में
सब
को
भूल
गए
कहाँ
वो
दुनिया
में
आए
थे
बंदगी
के
लिए
मिला
सुकून
जहाँ
में
तो
रब
को
भूल
गए
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Hameed Sarwar Bahraichi
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सुकून
ए
क़ल्ब
होता
है
मुयस्सर
तेरा
जब
नाम
आता
है
लबों
पर
Kiran K
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कुछ
तो
करें
कि
दिल
ये
कहीं
और
जा
लगे
कुछ
देर
के
लिए
सही
आँखों
को
चैन
हो
Afzal Ali Afzal
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हुस्न
उनका
सादगी
में
कुछ
अलग
महका
किया
मैंने
धड़कन
से
कहा
धड़को
मगर
आराम
से
Ishq Allahabadi
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हम
अम्न
चाहते
हैं
मगर
ज़ुल्म
के
ख़िलाफ़
गर
जंग
लाज़मी
है
तो
फिर
जंग
ही
सही
Sahir Ludhianvi
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तेरे
बग़ैर
ख़ुदा
की
क़सम
सुकून
नहीं
सफ़ेद
बाल
हुए
हैं
हमारा
ख़ून
नहीं
न
हम
ही
लौंडे
लपाड़ी
न
कच्ची
उम्र
का
वो
ये
सोचा
समझा
हुआ
इश्क़
है
जुनून
नहीं
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Shamim Abbas
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फूलों
की
सेज
पर
ज़रा
आराम
क्या
किया
उस
गुल-बदन
पे
नक़्श
उठ
आए
गुलाब
के
Adil Mansuri
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मैं
न
कहता
था
हिज्र
कुछ
भी
नहीं
ख़ुद
को
हलकान
कर
रही
थी
तुम
कितने
आराम
से
हैं
हम
दोनों
देखा
बेकार
डर
रही
थी
तुम
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Mehshar Afridi
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थकना
भी
लाज़मी
था
कुछ
काम
करते
करते
कुछ
और
थक
गया
हूँ
आराम
करते
करते
Zafar Iqbal
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जो
चराग़
सारे
बुझा
चुके
उन्हें
इंतिज़ार
कहाँ
रहा
ये
सुकूँ
का
दौर-ए-शदीद
है
कोई
बे-क़रार
कहाँ
रहा
Ada Jafarey
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शजर
सी
तू
अब
मान
क़िस्मत
मिरी
नहीं
जानते
लोग
कुल्फ़त
मिरी
Khudgarzz Yogesh
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चराग़-ए-मोहब्बत
जलाया
किसी
ने
उसी
को
मगर
फिर
बुझाया
किसी
ने
बना
के
मुझी
से
सभी
रिश्ते
नाते
मुझे
ही
पराया
बताया
किसी
ने
किसी
ने
बढ़ाया
था
दर्जे
को
मेरे
बढ़ाकर
उसे
फिर
घटाया
किसी
ने
किसी
ने
हँसाया
था
मुझको
रुला
के
हँसा
के
मुझे
फिर
रुलाया
किसी
ने
रखे
ही
थे
तेरे
लबों
पर
मेरे
लब
मुझे
नींद
से
तब
जगाया
किसी
ने
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Khudgarzz Yogesh
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अब
इश्क़
को
तरक्की
पे
लोग
तोलते
हैं
कैसे
इन्हे
बताएं
ये
हैं
नहीं
तिजारत
Khudgarzz Yogesh
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नहीं
है
पता
तुम
कहाँ
हो
मगर
भी
मुसलसल
तुम्हीं
को
है
ढूँढा
किसी
ने
Khudgarzz Yogesh
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