har qadam pe ik naya dhakka laga hai | हर क़दम पे इक नया धक्का लगा है

  - Karan Shukla
हरक़दमपेइकनयाधक्कालगाहै
ज़िंदगीयेज़िंदगीभीक्यासज़ाहै
लोगपागलहैंउधरहीभागतेहैं
बसजहाँझूठोंनेझूठाहीलिखाहै
क्याकिसीकोफ़र्कभीपड़ताहैइससेे
साथमेरेहादसाजोकलहुआहै
आपसेयेइश्क़करकेदेखनेमें
उम्रभरकाज़ख़्महमकोयूँँमिलाहै
क्याभरोसाआदमीकाकरनासाहब
दामअच्छेमिलतेहीफ़ौरनबिकाहै
हाथसबकेजुर्ममेंडूबेहुएहैं
परयहाँसबकहतेहमनेक्याकियाहै
आजकलकेरिश्तोंनेतोरिश्तोंकोही
अपनाअपनाबोलकरधोखादियाहै
  - Karan Shukla
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy