सफेदज़ुल्फ़ोंकीठंडीतसल्लियोंकेसाथ
बितारहीहूँमैंजीवनउदासियोंकेसाथ
मेरेसनमतूजहाँछोड़करगयाथामुझे
वहींखड़ीहूँमैंसतरंगीचूड़ियोंकेसाथ
तमामराततेरेइंतिज़ारमेंजोगन
जलारहीहैजिगरमोमबत्तियोंकेसाथ
पलटकेआतेनहींदूरदेशकेमहबूब
यहीहुआथामेरीकुछसहेलियोंकेसाथ
तुझेख़बरनहींहैफ़ासलेबनानेसे
लगावऔरभीबढ़ताहैदूरियोंकेसाथ