koi mujhse milne se katara raha hai | कोई मुझ सेे मिलने से कतरा रहा है

  - Vishal Vaid
कोईमुझसेेमिलनेसेकतरारहाहै
ज़मानेकाडरहैयाशरमारहाहै
मेरेलफ़्ज़सारेहवाहोरहेहैं
वोशायदमेरेख़तकोसुलगारहाहै
मैंपत्थरकोछूलूँतोइंसानकरदूँ
मगररामबननेमेंघाटारहाहै
बहलजाताहैझूठेवादोंसेअक्सर
मेरादिलहमेशाहीबच्चारहाहै
वजहडूबनेकीतुम्हेंक्याबताऊँ
कोईबोझपत्थरसाचिपकारहाहै
रगोंमेंनयादर्दरिसतारहाहै
मुझेमेरेमाज़ीकाग़मखारहाहै
अभीदाँतज़हरीलेनिकलेनहींऔर
सपोलापरिंदोंकोधमकारहाहै
  - Vishal Vaid
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