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Vishakt ki Kalam se
bhujaaon kii dikha taqat dikha de kaun hai tu
bhujaaon kii dikha taqat dikha de kaun hai tu | भुजाओं की दिखा ताक़त दिखा दे कौन है तू
- Vishakt ki Kalam se
भुजाओं
की
दिखा
ताक़त
दिखा
दे
कौन
है
तू
ग़लत
तो
है
ज़माना
ये
मगर
क्यूँ
मौन
है
तू
- Vishakt ki Kalam se
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चला
है
जोश
में
मक़्तल
की
ओर
जोशीला
उसी
को
देख
के
कितनों
को
अक़्ल
आई
है
Tarun Bharadwaj
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चिलचिलाती
धूप
है
और
पैर
में
चप्पल
नहीं
जिस्म
घाइल
है
मगर
ये
हौसला
घाइल
नहीं
Tanoj Dadhich
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दिल
से
जो
बात
निकलती
है
असर
रखती
है
पर
नहीं
ताक़त-ए-परवाज़
मगर
रखती
है
Allama Iqbal
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मैं
आँधियों
के
पास
तलाश-ए-सबा
में
हूँ
तुम
मुझ
से
पूछते
हो
मिरा
हौसला
है
क्या
Ada Jafarey
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मुझे
यक़ीं
है
ये
ज़हमत
नहीं
करेगा
कोई
बिना
गरज़
के
मोहब्बत
नहीं
करेगा
कोई
न
ख़ानदान
में
पहले
किसी
ने
इश्क़
किया
हमारे
बाद
भी
हिम्मत
नहीं
करेगा
कोई
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Asad Taskeen
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वो
बहुत
चालाक
है
लेकिन
अगर
हिम्मत
करें
पहला
पहला
झूट
है
उस
को
यक़ीं
आ
जाएगा
Zafar Iqbal
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देख
ज़िंदाँ
से
परे
रंग-ए-चमन
जोश-ए-बहार
रक़्स
करना
है
तो
फिर
पाँव
की
ज़ंजीर
न
देख
Majrooh Sultanpuri
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हिम्मत
से
सच
कहो
तो
बुरा
मानते
हैं
लोग
रो-रो
के
बात
कहने
की
आदत
नहीं
रही
Dushyant Kumar
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घर
से
निकले
थे
हौसला
कर
के
लौट
आए
ख़ुदा
ख़ुदा
कर
के
ज़िंदगी
तो
कभी
नहीं
आई
मौत
आई
ज़रा
ज़रा
करके
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Rajesh Reddy
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कभी
ज़रा
पास
आके
बैठो
नई
जवानी
चहक
रही
है
नई
उमंग
इक
नई
तरंग
इक
नये
चमन
में
महक
रही
है
Amaan Pathan
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सुना
है
आज
कल
पढ़ने
लगे
हैं
वो
हमें
भी
लिखी
हर
शा'इरी
हम
भी
दुबारा
पढ़
रहे
हैं
Vishakt ki Kalam se
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बनो
बादल
कभी
तुम
भी
भिगाओ
रूह
को
मेरी
सुनाओ
गीत
तुम
अपने
सुनो
तुम
रागिनी
मेरी
कभी
मौक़ा
मुझे
भी
दो
मुझे
भी
है
तलब
तेरी
तुझे
चाहा
न
बस
मैंने
तू
ही
है
आरज़ू
मेरी
मुझे
तेरी
ज़रूरत
है
तुझे
भी
चाह
हो
मेरी
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मुझे
जो
साथ
में
भी
रख
न
पाया
उसे
दिल
में
बसाए
घूमता
हूँ
नहीं
तस्वीर
कोई
पास
मेरे
उसे
मैं
रोज़
मन
में
चूमता
हूँ
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किसी
को
ज़ार
बनना
है
किसी
को
हार
बनना
है
किसी
को
आग
खानी
है
किसे
अंगार
बनना
है
किसी
का
सुर
नहीं
लगता
उसे
झंकार
बनना
है
हमारा
दिल
नहीं
लगता
हमें
टंकार
बनना
है
समूचे
विश्व
के
आगे
मुझे
ललकार
बनना
है
मुझे
ही
आग
खानी
है
मुझे
अंगार
बनना
है
लहू
से
खेलने
वाली
मुझे
तलवार
बनना
है
मुझे
भी
जीत
चखनी
है
किसी
की
हार
बनना
है
मुझे
आकाश
छूना
है
नहीं
बस
भार
बनना
है
मुझे
सब
वेद
पढ़ने
हैं
नहीं
बेकार
बनना
है
जगत
की
इस
कथा
का
अब
मुझे
ही
सार
बनना
है
मुझे
दुनिया
बदलनी
है
मुझे
औजार
बनना
है
नहीं
मानव
मुझे
रहना
मुझे
अवतार
बनना
है
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जलाकर
राख
कर
देता
सभी
को
तुझे
देखा
नहीं
होता
अभी
जो
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