kisi ko zaar banna hai | किसी को ज़ार बनना है

  - Vishakt ki Kalam se
किसीकोज़ारबननाहै
किसीकोहारबननाहै
किसीकोआगखानीहै
किसेअंगारबननाहै
किसीकासुरनहींलगता
उसेझंकारबननाहै
हमारादिलनहींलगता
हमेंटंकारबननाहै
समूचेविश्वकेआगे
मुझेललकारबननाहै
मुझेहीआगखानीहै
मुझेअंगारबननाहै
लहूसेखेलनेवाली
मुझेतलवारबननाहै
मुझेभीजीतचखनीहै
किसीकीहारबननाहै
मुझेआकाशछूनाहै
नहींबसभारबननाहै
मुझेसबवेदपढ़नेहैं
नहींबेकारबननाहै
जगतकीइसकथाकाअब
मुझेहीसारबननाहै
मुझेदुनियाबदलनीहै
मुझेऔजारबननाहै
नहींमानवमुझेरहना
मुझेअवतारबननाहै
  - Vishakt ki Kalam se
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