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Vishakt ki Kalam se
bhala isse bhi kam men tum hi kaise maan loge
bhala isse bhi kam men tum hi kaise maan loge | भला इस सेे भी कम में तुम ही कैसे मान लोगे
- Vishakt ki Kalam se
भला
इस
सेे
भी
कम
में
तुम
ही
कैसे
मान
लोगे
जला
कर
राज़
सारे
तुम
भी
मेरी
जान
लोगे
- Vishakt ki Kalam se
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सुनो
हर-वक़्त
इतना
याद
भी
मत
कीजिए
हमको
कहीं
ऐसा
न
हो
की
हिचकियों
में
जाँ
निकल
जाए
Sandeep dabral 'sendy'
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गर
उदासी,
चिड़चिड़ापन,
जान
देना
प्यार
है
माफ़
करना,
काम
मुझको
और
भी
हैं
दोस्तो
Divy Kamaldhwaj
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ज़ब्त
का
ऐसे
इम्तिहान
न
ले
ऐ
मेरी
जान
मेरी
जान
न
ले
Khalid Sajjad
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यूँँ
तो
रुस्वाई
ज़हर
है
लेकिन
इश्क़
में
जान
इसी
से
पड़ती
है
Fahmi Badayuni
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ये
नहीं
है
कि
वो
एहसान
बहुत
करता
है
अपने
एहसान
का
एलान
बहुत
करता
है
आप
इस
बात
को
सच
ही
न
समझ
लीजिएगा
वो
मेरी
जान
मेरी
जान
बहुत
करता
है
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Jawwad Sheikh
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बहुत
पहले
से
उन
क़दमों
की
आहट
जान
लेते
हैं
तुझे
ऐ
ज़िंदगी
हम
दूर
से
पहचान
लेते
हैं
Firaq Gorakhpuri
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इसी
से
जान
गया
मैं
कि
बख़्त
ढलने
लगे
मैं
थक
के
छाँव
में
बैठा
तो
पेड़
चलने
लगे
मैं
दे
रहा
था
सहारे
तो
इक
हुजूम
में
था
जो
गिर
पड़ा
तो
सभी
रास्ता
बदलने
लगे
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Farhat Abbas Shah
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बस
यूँँ
ही
मेरा
गाल
रखने
दे
मेरी
जान
आज
गाल
पर
अपने
Jaun Elia
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इक
ये
भी
तो
अंदाज़-ए-इलाज-ए-ग़म-ए-जाँ
है
ऐ
चारागरो
दर्द
बढ़ा
क्यूँँ
नहीं
देते
Ahmad Faraz
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शाम-ए-फ़िराक़
अब
न
पूछ
आई
और
आ
के
टल
गई
दिल
था
कि
फिर
बहल
गया
जाँ
थी
कि
फिर
सँभल
गई
Faiz Ahmad Faiz
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हवा-बाज़ी
नहीं
करते
किए
हैं
काम
काले
चलेगी
जब
हवा
मेरी
उड़ेंगे
नाम
वाले
Vishakt ki Kalam se
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मुझे
कुछ
भी
नहीं
समझा
उन्होंने
जिन्हें
मैं
ख़ास
अपना
मानता
था
मुझे
धोखा
दिया
आँखों
ने
मेरी
नहीं
ये
लोग
जिसको
जानता
था
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मुझे
जो
साथ
में
भी
रख
न
पाया
उसे
दिल
में
बसाए
घूमता
हूँ
नहीं
तस्वीर
कोई
पास
मेरे
उसे
मैं
रोज़
मन
में
चूमता
हूँ
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Vishakt ki Kalam se
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ख़्वाब
लिख
कर
सो
गया
था
ख़्वाब
में
ही
खो
गया
था
ख़्वाब
पूरा
हो
न
पाया
ख़्वाब
में
जो
हो
गया
था
रो
नहीं
पाया
कभी
जो
ख़्वाब
में
वो
रो
गया
था
ऑंसुओ
से
आँख
धोई
पाप
अपने
धो
गया
था
बाक़ियों
की
ख़ैर
मुझ
सेे
पूछ
कर
वो
जो
गया
था
हाॅं
वही
तो
था
खिलाड़ी
खेल
दिल
से
जो
गया
था
जो
यहाॅं
काॅंटे
बिछे
हैं
बीज़
वो
ही
बो
गया
था
क्या
हुआ
जो
मर
गया
वो
ठीक
था
जब
वो
गया
था
ख़्वाब
पूरा
हो
तभी
वो
नींद
गहरी
सो
गया
था
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नहीं
मालूम
हम
कैसे
तराज़ू
बन
गए
है
बने
तो
थे
किसी
का
हाथ
बाज़ू
बन
गए
है
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