use hanste hue bhi dekha shaayad gham to zyaada hai | उसे हँसते हुए भी देखा शायद ग़म तो ज़्यादा है

  - Umashankar Lekhwar
उसेहँसतेहुएभीदेखाशायदग़मतोज़्यादाहै
निगाहेंउसकीक़ातिलऔरचेहराकितनासादाहै
ज़मानेभरमेंहैमशहूरबनकेख़्वाबआयाहै
मगरचुपहूँमेरादिलपूछताहैक्याइरादाहै
मेरीबातोंमेंउसकाज़िक्रतोहैज़िक्रभीतोये
किसीकेबोझजैसाहैकिजोइसदिलपेलादाहै
हमेंलगतानहींहैइसज़मानेमेंकहींग़महै
किसीकोरोतेदेखातोलगासचमुचमेंज़्यादाहै
किसीकेख़्वाबलिखताहूँमगरमैंचुपहीरहताहूँ
मुझेमालूमहैयेग़ममेरेग़मकाभीआधाहै
सुनोमैंजोभीलिखताहूँमगरक्याख़ाकलिखताहूँ
हमेशापढ़नेवालोंनेलिखामुझसेेभीज़्यादाहै
  - Umashankar Lekhwar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy