chhua hai phool ne ab khushbuoon se roz mehkoonga | छुआ है फूल ने अब ख़ुश्बूओं से रोज़ महकूँगा

  - Umashankar Lekhwar
छुआहैफूलनेअबख़ुश्बूओंसेरोज़महकूँगा
मेरीख़्वाहिशहैयेमैंकबतेरेआँचलमेंदमलूँगा
तेरीमौजूदगीमैंनेमगरसपनोंमेंभीचाही
भरममेंइतनाबहकाहूँकिअबइकउम्रबहकूँगा
शिकायतहोअगरतुझकोकिकोईख़ामुशीसमझे
तेरीमैंमुस्कुराहटभीहँसीकोभीमैंसमझूँगा
किसीभीदिनबहानेसेमेरेतुमपासजाना
अगरतुमकोसमझपायातोमैंपूछहीलूँगा
कभीहाथोंमेंरखकरहाथकहनाहोजोवोकहना
बहुतबातेंमैंकरताहूँसभीमैंतुमसेकरलूँगा
सताताहैतेरावोहाथमुझकोग़ैरहाथोंमें
सहाजातानहींपरख़ुशहैतूइस
मेंतोसहलूँगा
  - Umashankar Lekhwar
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