vaqt guzra to na jaane kaise haalon men miloonga | वक़्त गुज़रा तो न जाने कैसे हालों में मिलूँगा

  - Umashankar Lekhwar
वक़्तगुज़रातोजानेकैसेहालोंमेंमिलूँगा
ढूँढ़नातुमकोतुम्हारेघरकेजालोंमेंमिलूँगा
तुमजोआओतोअँधेरोंसेगुज़रकेपासआना
मैंतभीशायदतुम्हेंबढ़तेउजालोंमेंमिलूँगा
मैंमिलूँगातुमकोरस्तेकेकिनारेघासजैसे
मैंनहींहूँफूलवोजोतुमकोबालोंमेंमिलूँगा
तुमभीक्यारातोंकोजगकेदेरतकसोतीनहींहो
काशतुमभीख़्वाबदेखोतुमकोगालोंमेंमिलूँगा
यूँँडराहूँमैंअँधेरेसेमुझेहैजगमगाना
मैंउजालोंकेक़रींजलतीमशालोंमेंमिलूँगा
क्यातुम्हेंसचमुचमुहब्बतथीअगरथीक्यूँपाई
मैंतुम्हेंउलझाकुछऐसेहीसवालोंमेंमिलूँगा
  - Umashankar Lekhwar
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy