hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Tiwari Jitendra
agar pahli muhabbat se mile dhokha
agar pahli muhabbat se mile dhokha | अगर पहली मुहब्बत से मिले धोखा
- Tiwari Jitendra
अगर
पहली
मुहब्बत
से
मिले
धोखा
कई
दिल
तोड़ता
बे-दिल
नहीं
थकता
- Tiwari Jitendra
Download Sher Image
वो
बहुत
चालाक
है
लेकिन
अगर
हिम्मत
करें
पहला
पहला
झूट
है
उस
को
यक़ीं
आ
जाएगा
Zafar Iqbal
Send
Download Image
31 Likes
बस
एक
लम्हे
के
सच
झूट
के
एवज़
'फ़रहत'
तमाम
उम्र
का
इल्ज़ाम
ले
गया
मुझ
से
Farhat Abbas Shah
Send
Download Image
25 Likes
किसी
उम्मीद
का
ये
इस्तिआरा
जान
पड़ता
है
कि
तन्हा
ही
सही
सच
झूट
से
अब
रोज़
लड़ता
है
Tarun Pandey
Send
Download Image
5 Likes
वो
आफ़ताब
लाने
का
देकर
हमें
फ़रेब
हम
सेे
हमारी
रात
के
जुगनू
भी
ले
गया
Rajesh Reddy
Send
Download Image
29 Likes
वो
आफ़ताब
लाने
का
देकर
हमें
फ़रेब
हम
सेे
हमारी
रात
के
जुगनू
भी
ले
गया
Rajesh Reddy
Send
Download Image
48 Likes
अगर
सच
इतना
ज़ालिम
है
तो
हम
से
झूट
ही
बोलो
हमें
आता
है
पतझड़
के
दिनों
गुल-बार
हो
जाना
Ada Jafarey
Send
Download Image
23 Likes
ऐसा
बदला
हूँ
तिरे
शहर
का
पानी
पी
कर
झूट
बोलूँ
तो
नदामत
नहीं
होती
मुझ
को
Shahid Zaki
Send
Download Image
29 Likes
हमने
जिस
मासूम
परी
को
अपने
दिल
की
जाँ
बोला
था
उसने
हमको
धोखा
देकर
और
किसी
को
हाँ
बोला
था
सारे
वादे
भूल
गई
तुम
कोई
बात
नहीं
जानेमन
लेकिन
ये
कैसे
भूली
तुम
मेरी
माँ
को
माँ
बोला
था
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
42 Likes
झूट
वाले
कहीं
से
कहीं
बढ़
गए
और
मैं
था
कि
सच
बोलता
रह
गया
Waseem Barelvi
Send
Download Image
41 Likes
दिल-ओ-नज़र
को
अभी
तक
वो
दे
रहे
हैं
फ़रेब
तसव्वुरात-ए-कुहन
के
क़दीम
बुत-ख़ाने
Ali Sardar Jafri
Send
Download Image
21 Likes
Read More
सियासत
में
न
उलझो
तुम
अभी
ठहरो
अमन
फ़ैला
रहे
सरकार
रहने
दो
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
1 Like
पुराने
ज़ख़्म
को
ज़िन्दा
न
कर
बैठे
किसी
के
साथ
में
रिश्ता
न
कर
बैठे
मुझे
मेरी
तरह
का
चाहिए
दुश्मन
अना
के
साथ
समझौता
न
कर
बैठे
हया
अच्छी
मगर
इतनी
नहीं
साहब
मुझे
ही
देखकर
पर्दा
न
कर
बैठे
हुनर
है
एक
ही
ग़म
बाँटने
का
बस
मुहब्बत
फिर
हमें
तन्हा
न
कर
बैठे
बला
लेकर
'तिवारी'
घूमता
है
जाँ
हमारा
जोश
वो
ठंडा
न
कर
बैठे
Read Full
Tiwari Jitendra
Download Image
2 Likes
कभी
दिल
लग
गया
था
कुछ
बरस
पहले
किताबों
से
गुलाबों
को
किताबों
में
अगर
रखना
यही
कहना
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
2 Likes
देखते
देखते
दिल
हमारा
गया
चाँद
दरिया
में
जैसे
उतारा
गया
Tiwari Jitendra
Send
Download Image
2 Likes
किसी
की
बात
करते
दिल
नहीं
थकता
नज़र
से
मारता
क़ातिल
नहीं
थकता
अगर
पहली
मुहब्बत
से
मिले
धोखा
कई
दिल
तोड़ता
बे
दिल
नहीं
थकता
भला
कैसी
मुहब्बत
है
ये
दरिया
से
उसे
ही
देखते
साहिल
नहीं
थकता
जला
कर
ख़त
उसे
मैं
छोड़
आया
हूँ
कि
जैसे
दर्द
से
ग़ाफ़िल
नहीं
थकता
हुनर
है
तो
दिखाओ
तुम
भरी
महफ़िल
बिना
मंज़िल
यहाँ
क़ाबिल
नहीं
थकता
Read Full
Tiwari Jitendra
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Bechaini Shayari
Aazaadi Shayari
Aam Shayari
Shaam Shayari
Sorry Shayari