hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Tiwari Jitendra
sochta hi raha kya hua kyuuñ hua
sochta hi raha kya hua kyuuñ hua | सोचता ही रहा क्या हुआ क्यूँ हुआ
- Tiwari Jitendra
सोचता
ही
रहा
क्या
हुआ
क्यूँ
हुआ
बन
गई
वो
दवा
दिल
अलग
कर
दिया
रात
भर
चाँद
को
मैं
निहारा
किया
जल
गया
फिर
समा
दिल
अलग
कर
दिया
प्यार
माँगा
तभी
उसने
नंबर
दिया
फ़ोन
की
थी
ख़ता
दिल
अलग
कर
दिया
मय
तिवारी
पे
चढ़ने
लगी
है
सखी
एक
बोसा
दिया
दिल
अलग
कर
दिया
- Tiwari Jitendra
Download Ghazal Image
बिगड़
गई
थी
जो
दुनिया
सॅंवार
दी
हमने
चढ़ा
के
सर
पे
मुहब्बत
उतार
दी
हमने
अँधेरी
रात
किसी
बे-वफ़ा
की
यादों
में
बहुत
तवील
थी
लेकिन
गुज़ार
दी
हमने
Read Full
Hameed Sarwar Bahraichi
Send
Download Image
11 Likes
आज
की
रात
दिवाली
है
दिए
रौशन
हैं
आज
की
रात
ये
लगता
है
मैं
सो
सकता
हूँ
Azm Shakri
Send
Download Image
40 Likes
ग़ज़ब
किया
तिरे
वअ'दे
पे
ए'तिबार
किया
तमाम
रात
क़यामत
का
इंतिज़ार
किया
Dagh Dehlvi
Send
Download Image
31 Likes
मैं
जिस
के
साथ
कई
दिन
गुज़ार
आया
हूँ
वो
मेरे
साथ
बसर
रात
क्यूँँ
नहीं
करता
Tehzeeb Hafi
Send
Download Image
53 Likes
मैं
सो
रहा
हूँ
तेरे
ख़्वाब
देखने
के
लिए
ये
आरज़ू
है
कि
आँखों
में
रात
रह
जाए
Shakeel Azmi
Send
Download Image
61 Likes
ख़ैरात
में
अब
दे
दिया
जाए
इसे
हर
रात
नीदें
ज़ाया'
होती
रहती
हैं
Nishant Singh
Send
Download Image
1 Like
इक
रात
वो
गया
था
जहाँ
बात
रोक
के
अब
तक
रुका
हुआ
हूँ
वहीं
रात
रोक
के
Farhat Ehsaas
Send
Download Image
50 Likes
सौ
चाँद
भी
चमकेंगे
तो
क्या
बात
बनेगी
तुम
आए
तो
इस
रात
की
औक़ात
बनेगी
Dagh Dehlvi
Send
Download Image
43 Likes
दिन
में
मिल
लेते
कहीं
रात
ज़रूरी
थी
क्या?
बेनतीजा
ये
मुलाक़ात
ज़रूरी
थी
क्या
मुझ
सेे
कहते
तो
मैं
आँखों
में
बुला
लेता
तुम्हें
भीगने
के
लिए
बरसात
ज़रूरी
थी
क्या
Read Full
Abrar Kashif
Send
Download Image
82 Likes
बदल
जाएँगे
ये
दिन
रात
'अजमल'
कोई
ना-मेहरबाँ
कब
तक
रहेगा
Ajmal Siraj
Send
Download Image
22 Likes
Read More
किसी
के
दरमियाँ
तो
प्यार
रहने
दो
अभी
तो
आँख
में
दीवार
रहने
दो
जहाँ
पे
ख़त
नहीं
आवाज़
जाती
हैं
हमारे
पास
वो
दरबार
रहने
दो
ख़ुदा
भी
रो
पड़ेगा
देख
लेना
तुम
ख़ुदा
के
पास
में
अख़बार
रहने
दो
सियासत
में
न
उलझो
उम्र
छोटी
है
अमन
फैला
रहे
सरकार
रहने
दो
मुझे
तब
दुश्मनी
भी
खेल
लगती
हैं
हमारे
हाथ
जब
तलवार
रहने
दो
Read Full
Tiwari Jitendra
Download Image
1 Like
हुस्न
तो
आइने
बताते
हैं
चाँद
तारों
के
साथ
आते
हैं
दूर
वाले
तो
दूर
बैठे
हैं
पास
वाले
अज़ाब
लाते
हैं
काम
के
पर
नहीं
बचे
जिनके
वो
परिंदे
ही
घर
बनाते
हैं
प्यार
को
खेल
मान
बैठे
हैं
खेलते
और
भूल
जाते
हैं
आप
जैसी
है
यार
लड़की
वो
हम
जिसे
दोस्त
कह
बुलाते
हैं
Read Full
Tiwari Jitendra
Download Image
2 Likes
दर्द
अपना
किसी
को
बताते
नहीं
ज़ख़्म
अपने
किसी
को
दिखाते
नहीं
चाहता
आपको
सोचता
हूँ
मगर
फूल
बावरों
की
टोली
को
भाते
नहीं
चाँद
को
दूर
से
मैं
निहारा
किया
छत
यही
पास
है
वो
बुलाते
नहीं
अब
पढ़ाई
लिखाई
से
मन
भर
गया
ये
रिलेशन
समझ
यार
आते
नहीं
कौन
अच्छा
यहाँ
कौन
बेकार
है
साथ
अपने
कहीं
भी
निभाते
नहीं
Read Full
Tiwari Jitendra
Download Image
2 Likes
दोस्त
जितने
यहाँ
पे
बैठे
हैं
पीठ
पीछे
मुझी
से
जलते
हैं
मैं
जिसे
प्यार
हक़
से
करता
हूँ
सारे
गज़लें
उसी
पे
कहते
हैं
इनसे
अच्छे
हमारे
दुश्मन
हैं
जब
मिले
तो
अदब
से
मिलते
हैं
Read Full
Tiwari Jitendra
Download Image
1 Like
पुराने
ज़ख़्म
को
ज़िन्दा
न
कर
बैठे
किसी
के
साथ
में
रिश्ता
न
कर
बैठे
मुझे
मेरी
तरह
का
चाहिए
दुश्मन
अना
के
साथ
समझौता
न
कर
बैठे
हया
अच्छी
मगर
इतनी
नहीं
साहब
मुझे
ही
देखकर
पर्दा
न
कर
बैठे
हुनर
है
एक
ही
ग़म
बाँटने
का
बस
मुहब्बत
फिर
हमें
तन्हा
न
कर
बैठे
बला
लेकर
'तिवारी'
घूमता
है
जाँ
हमारा
जोश
वो
ठंडा
न
कर
बैठे
Read Full
Tiwari Jitendra
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
Muskurahat Shayari
Religion Shayari
Nazakat Shayari
Khoon Shayari
Aitbaar Shayari