वोबढ़तेफ़ासलेपैहमहमारीजानलेबैठे
मुसलसलइश्क़केमातमहमारीजानलेबैठे
उधरथींबारिशेंशायदइनायतऔरउल्फ़तकी
यहाँतोहिज्रकेमौसमहमारीजानलेबैठे
किसीटूटेहुएदिलकोकहोकैसेकरारआए
कहींऐसानहोमरहमहमारीजानलेबैठे
बसउनकीउँगलियोंपरहमनेअपनीज़िन्दगीरखदी
हुआबसइकइशाराहमहमारीजानलेबैठे
शजरसारेख़फ़ाथेजबचितामेंख़ाकहोतेथे
किअपनेसंगयेआदमहमारीजानलेबैठे
हमींउल्फ़तकेइसदंगलमेंजोकूदेबिनासोचे
करेंगेक्याअगररुस्तमहमारीजानलेबैठे
बदलदेतेहैंसब'अल्फ़ाज़'सारेसुरग़ज़लकेहम
किइससेेपहलेयेसरगमहमारीजानलेबैठे