taza taza danaai hai aur pur | ताज़ा ताज़ा दानाई है और पुराना पागलपन है

  - Saurabh Mehta 'Alfaaz'
ताज़ाताज़ादानाईहैऔरपुरानापागलपनहै
हाँउल्फ़तकाक़तरा-क़तरादाना-दानापागलपनहै
मेरीनज़रोंसेदेखोतोसारीदुनियादीवानीहै
तेरीआँखोंमेंभीकैसायारसुहानापागलपनहै
दोज़ख़याजन्नतमेंरक्खेयेउसकीअपनीमर्ज़ीहै
परइंसानीदुनियामेंतोआनाजानापागलपनहै
अबतकचलनाइकदूजेसंगशायदअपनापागलपनथा
जैसेराहोंकामंज़िलतकसाथनिभानापागलपनहै
येअश्कोंकीजुरअतहैजोतुमसेेशिकवेकरबैठेहैं
वर्नासहराकोदरियाकेख़्वाबदिखानापागलपनहै
दुश्वारीहैबे-ताबीहैबे-तरतीबीबे-ज़ारीहै
देखोतोसबकुछहैइस
मेंएकख़ज़ानापागलपनहै
  - Saurabh Mehta 'Alfaaz'
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