हम ने उन को यूँँ उतारा, इक ग़ज़ल की शक्ल में

  - Saurabh Mehta 'Alfaaz'
हमनेउनकोयूँँउतारा,इकग़ज़लकीशक्लमें
रातभरइकटकनिहारा,इकग़ज़लकीशक्लमें
बुझगयाथासुब्हतक,बातोंसेमेरीऊबकर
टिमटिमातावोसितारा,इकग़ज़लकीशक्लमें
भूलजानाहरजिरहको,हरगिरहकोखोलना
यादकरनाबसदोबारा,इकग़ज़लकीशक्लमें
अनपढ़ोंकीभीड़से,शबभरउलझताहीरहा
ख़्वामख़ाहयेदिलबेचारा,इकग़ज़लकीशक्लमें
जलगयाख़ुर्शीदऔर,महताबभीमद्धमहुआ
ज़िक्रआयाजबतुम्हारा,इकग़ज़लकीशक्लमें
बज़्ममें'अल्फ़ाज़'यूँँ,बे-बह्रबहतेचलदिए
तुमनेजबउनकोपुकारा,इकग़ज़लकीशक्लमें
  - Saurabh Mehta 'Alfaaz'
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy