उल्फ़तसेपरेशानसिर्फ़मैंहीनहींथा
वोभीथामेहरबानसिर्फ़मैंहीनहींथा
ज़िदकरकेआफ़ताबकोखीसेमेंरखलिया
रौशनथायेजहान,सिर्फ़मैंहीनहींथा
हरचालपेउसकीफ़नाहुआकोईमोहरा
इतनाथाइत्मीनानसिर्फ़मैंहीनहींथा
करतारहावोक़त्ल-ए-अनाजमकेबारहा
मयख़ानेमेंनादानसिर्फ़मैंहीनहींथा
उससेेभीपहलेथाख़ुदायाकोईनहींथा
इसबातसेहैरानसिर्फ़मैंहीनहींथा
यूँँफ़ासलेबढ़तेहीरहेवक़्तगुज़रते
हालाँकिबदगुमानसिर्फ़मैंहीनहींथा
हरबारहीचुपहोरहेथेहममेंवो'अल्फ़ाज़'
रिश्तोंकेदरमियानसिर्फ़मैंहीनहींथा