itni mushkil duniyaadaari aur phir us par tere gham | इतनी मुश्किल दुनियादारी, और फिर उस पर तेरे ग़म

  - Saurabh Mehta 'Alfaaz'
इतनीमुश्किलदुनियादारी,औरफिरउसपरतेरेग़म
सारीदुनियाछोड़केआए,मेरेहीसरतेरेग़म
वोतोहमनेगिर्याकरकेबहलारक्खाहैउनको
वरनाकबकेहीचलदेतेआपाखोकरतेरेग़म
बंदरखेदरवाज़ेदिलकेऔरज़ेहनपेतालेथे
जानेफिरकैसेघुसआएमेरेअंदरतेरेग़म
एकतरफ़ख़ुश्कीहैकितनी,एकतरफ़कितनीफिसलन
तेरीबातेंअब्र-ए-बाराँ,बंजरबंजरतेरेग़म
काफ़ीथेबसढाईआखरहरगुत्थीसुलझानेको
परअपनेहिस्सेमेंआएदोहीअक्षरतेरे'ग़म'
लिखकरकुछ'अल्फ़ाज़'तुझीपरहमकातिबहोजातेपर
उनसफ़होंकेसंगजलायेहमनेलिखकरतेरेग़म
  - Saurabh Mehta 'Alfaaz'
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