in aankhoñ ke zakhair nam kahaan hain | इन आँखों के ज़ख़ाइर नम कहाँ हैं

  - Saurabh Mehta 'Alfaaz'
इनआँखोंकेज़ख़ाइरनमकहाँहैं
ज़मानेभरमेंइतनेग़मकहाँहैं
उन्हेंखोकरयेमानाहमसिफ़रहैं
मुयस्सरपरउन्हेंभीहमकहाँहैं
परेशाँहैंहमारीउँगलियाँभी
तुम्हारेगेसुओंकेख़मकहाँहैं
मुसलसलख़्वाबहैंबसख़्वाबहीहैं
मगरनींदेंयहाँपैहमकहाँहैं
बचेहैंराब्तेअबनामहीको
अजीबससाथहैंबाहमकहाँहैं
जिधरदेखोउधरनश्तरहीनश्तर
दुकानोंमेंभीअबमरहमकहाँहैं
यक़ीननइश्क़-ओ-उल्फ़तपुर-सुकूँहैं
परइन
मेंभीमसाइलकमकहाँहैं
  - Saurabh Mehta 'Alfaaz'
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