dard hanste hue gar pesh nahin kar sakte | दर्द हँसते हुए गर पेश नहीं कर सकते

  - neeraj
दर्दहँसतेहुएगरपेशनहींकरसकते
शे'रकहनेकाभीआदेशनहींकरसकते
ह्रदयकीझोपड़ीमेंद्वेषकाआनावर्जित
प्रेमकेबिनकभीप्रवेशनहींकरसकते
रोज़दुनियासेमैंरूठूँयेकहाँसँभवहै
घरमेंरहनाहैतोफिरक्लेशनहींकरसकते
औरइकशख़्सभीज़िंदाहैकहानीमेंगर
साँसलेनेमेंकम-ओ-बेशनहींकरसकते
भीखमेंजिस्मकामिलनाहैबहुतआसानअब
रूहकोकाँसेमेंदरपेश!नहींकरसकते
'नीर'तुमकुछतोबताओउसेक्यातोहफ़ादूँ
उससेेमिलतेहीग़ज़लपेशनहींकरसकते
  - neeraj
Share

profile-whatsappprofile-twitterprofile-fbprofile-copy