chamak men shahar kii gwaalin nazar nahin aati | चमक में शहर की ग्वालिन नज़र नहीं आती

  - Tanya gupta
चमकमेंशहरकीग्वालिननज़रनहींआती
वोआतीतोहैमगरउसक़दरनहींआती
थपेड़सेहीग़रीबीकेवोउधरआते
हैलौटनेकीजिधरसेख़बरनहींआती
ख़फ़ाहैशख़्सअगरतोउसेमनालोतुम
क़ज़ाकिसीकोकभीबोलकरनहींआती
छातीयेकिसीबच्चेमेंभीग़म-ए-हस्ती
हवामेंफर्ज़कीइल्लतअगरनहींआती
ख़लिशझलकरहीइंसानकीज़ुबाँपरबस
हैगुफ़्तगूसभीसेपरनज़रनहींआती
पताचलाहमेंतबदर-ब-दरपेभटकेजब
किमाँगनेकीसमझदर-ब-दरनहींआती
कभीनिकलीसहरमेंजोतान्याघरसे
वोफर्ज़केतलेअबजल्दीघरनहींआती
  - Tanya gupta
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