har taraf jo zindagi men rang tha | हर तरफ़ जो ज़िंदगी में रंग था

  - komal selacoti
हरतरफ़जोज़िंदगीमेंरंगथा
हूबहूसाख़ुद-कुशीमेंरंगथा
मैंनेइकदिनआँखरक्खीहोंठपर
बहगयाफिरजोहँसीमेंरंगथा
जबजलाईरातमेंसिगरेटतो
इकअलगसातीरगीमेंरंगथा
मैंनेइतनेज़ोरसेघोंटागला
लालनीलाख़ुद-कुशीमेंरंगथा
उसबदनकीप्यासमेंसबमरगए
ज़हरघोलाथानदीमेंरंगथा
इसइबादतसेबनायाथाख़ुदा
हाथकाभीमूर्तीमेंरंगथा
उम्रमेरीसबउजालेखागई
इसदिवालीबसलड़ीमेंरंगथा
  - komal selacoti
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