ik udaasi ki hawa bhi chal rahi hai raat se | इक उदासी की हवा भी चल रही है रात से

  - Sunny Seher
इकउदासीकीहवाभीचलरहीहैरातसे
ज़ख़्मताज़ाहोगयाहैरातकीबरसातसे
कोईभीक़िरदारबिल्कुलख़ुशनहींथाक्याकहूँ
सबख़फ़ाथेआपसीक़िरदार-ए-क़िस्साजातसे
इकपुरानायारमेरारूठबैठाहैअभी
इकनयामौज़ूछिड़ाहैइकपुरानीबातसे
तूवहाँपरख़ुशनहींहैमैंयहाँपरख़ुशनहीं
हाँमगरहमलड़रहेहैंएकहीहालातसे
कोईपूछेतोभलाहमसेेहमाराहालक्या
सबकोलगताहैबुराआख़िरहमारीबातसे
  - Sunny Seher
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