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Sohit Singla
ye saal jo guzaar diya saath tere ab
ye saal jo guzaar diya saath tere ab | ये साल जो गुज़ार दिया साथ तेरे अब
- Sohit Singla
ये
साल
जो
गुज़ार
दिया
साथ
तेरे
अब
ये
साल
बस
गुज़ारना
ता-'उम्र
है
मुझे
- Sohit Singla
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साथ
में
तू
मेरे
दो
गाम
तो
चल
सकता
है
इतना
चलने
से
मेरा
काम
तो
चल
सकता
है
तेरे
दिल
में
किसी
शायर
की
जगह
तो
होगी
इस
इलाके
में
मेरा
नाम
तो
चल
सकता
है
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Ashu Mishra
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तुम्हारे
बाद
ये
दुख
भी
तो
सहना
पड़
रहा
है
किसी
के
साथ
मजबूरी
में
रहना
पड़
रहा
है
Ali Zaryoun
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बंदा
किसी
के
साथ,
ख़ुदा
हो
किसी
के
साथ
जाने
पराए
शहर
में
क्या
हो
किसी
के
साथ
Mueed Mirza
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बड़ी
मुश्किल
से
नीचे
बैठते
हैं
जो
तेरे
साथ
उठते
बैठते
हैं
Khurram Afaq
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कभी
चाहत
पे
शक
करते
हुए
ये
भी
नहीं
सोचा
तुम्हारे
साथ
क्यूँ
रहते
अगर
अच्छा
नहीं
लगता
Munawwar Rana
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जो
मेरे
साथ
मोहब्बत
में
हुई
आदमी
एक
दफा
सोचेगा
रात
इस
डर
में
गुजारी
हमने
कोई
देखेगा
तो
क्या
सोचेगा
Tehzeeb Hafi
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जता
दिया
कि
मोहब्बत
में
ग़म
भी
होते
हैं
दिया
गुलाब
तो
काँटे
भी
थे
गुलाब
के
साथ
Rehman Faris
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तू
उसके
दिल
में
जगह
चाहता
है
यार
जो
शख़्स
किसी
को
देता
नहीं
अपने
साथ
वाली
जगह
Umair Najmi
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मुझे
मालूम
है
माँ
की
दुआएँ
साथ
चलती
हैं
सफ़र
की
मुश्किलों
को
हाथ
मलते
मैंने
देखा
है
Aalok Shrivastav
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सँभलता
हूँ
तो
ये
लगता
है
जैसे
तुम्हारे
साथ
धोखा
कर
रहा
हूँ
Shariq Kaifi
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कब
तलक
साथ
रहे
हम
हैं
बिछड़ने
वाले
चलते
हैं
चल
के
मिलेंगे
कभी
ख़्वाबों
में
हम
Sohit Singla
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जीने
का
इरादा
है
मगर
फिर
भी
कहीं
से
कोई
तो
इशारा
हो
मिरा
अज़्म
जवाँ
हो
Sohit Singla
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चलो
करके
जिगर
इज़हार
करता
हूँ
सनम
कैसे
कहूँ
बस
प्यार
करता
हूँ
समझती
हो
मेरी
ख़ामोशी
भी
तुम
तो
बिना
ही
बात
तुमको
ख़्वार
करता
हूँ
मुहब्बत
बढ़ती
है
झगड़े
लड़ाई
से
कभी
तुमको
तभी
बेज़ार
करता
हूँ
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Sohit Singla
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हाँ
तबाह
भी
आलम
सब
किया
नहीं
माना
इक
दरूँ
मिरा
लड़ता
ही
रहा
नहीं
माना
Sohit Singla
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हसद
को
ज़िंदा
कर
के
देखते
हैं
गली
उसकी
गुज़र
के
देखते
हैं
नहीं
ये
रास
आई
ज़िंदगी
सो
चलो
इक
बार
मर
के
देखते
हैं
सभी
बस
देखते
मंज़िल
मगर
वो
नहीं
दुख
सुख
सफ़र
के
देखते
हैं
नहीं
मैं
देखती
तुमको
अदास
मुझे
ये
बात
कर
के
देखते
हैं
सभी
कहते
हैं
उनको
गुलबदन
सो
ख़ुदी
गुलज़ार
भर
के
देखते
हैं
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Sohit Singla
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