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Abhishek Shukla
itni nafrat ik dooje se karte hain
itni nafrat ik dooje se karte hain | इतनी नफ़रत इक दूजे से करते हैं
- Abhishek Shukla
इतनी
नफ़रत
इक
दूजे
से
करते
हैं
हम
दोनों
में
यार
मोहब्बत
होनी
थी
- Abhishek Shukla
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मुझ
से
नफ़रत
है
अगर
उस
को
तो
इज़हार
करे
कब
मैं
कहता
हूँ
मुझे
प्यार
ही
करता
जाए
Iftikhar Naseem
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मुनाफ़िक़
दोस्तों
से
लाख
बेहतर
हैं
ख़ुदा
दुश्मन
कि
ग़द्दारी
नवाबों
से
हुकूमत
छीन
लेती
है
Unknown
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लहजा
ही
थोड़ा
तल्ख़
है
दुनिया
के
सामने
वैसे
तो
ठीक
ठाक
हूँ
मैं
बोल-चाल
में
Ankit Maurya
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हम
अम्न
चाहते
हैं
मगर
ज़ुल्म
के
ख़िलाफ़
गर
जंग
लाज़मी
है
तो
फिर
जंग
ही
सही
Sahir Ludhianvi
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वो
जंग
जिस
में
मुक़ाबिल
रहे
ज़मीर
मिरा
मुझे
वो
जीत
भी
'अंबर'
न
होगी
हार
से
कम
Ambreen Haseeb Ambar
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दुश्मनी
जम
कर
करो
लेकिन
ये
गुंजाइश
रहे
जब
कभी
हम
दोस्त
हो
जाएँ
तो
शर्मिंदा
न
हों
Bashir Badr
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देश
मेरा
जंग
तो
जीता
मगर
लौट
कर
आया
नहीं
बेटा
मेरा
Divy Kamaldhwaj
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इश्क़
तू
ने
बड़ा
नुक़सान
किया
है
मेरा
मैं
तो
उस
शख़्स
से
नफ़रत
भी
नहीं
कर
सकता
Liaqat Jafri
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दुश्मनी
का
सफ़र
इक
क़दम
दो
क़दम
तुम
भी
थक
जाओगे
हम
भी
थक
जाएँगे
Bashir Badr
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अगर
लगता
है
वो
क़ाबिल
नहीं
है
तो
रिश्ता
तोड़ना
मुश्किल
नहीं
है
रक़ीब
आया
है
मेरे
शे'र
सुनने
तो
अब
ये
जंग
है
महफ़िल
नहीं
है
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Tanoj Dadhich
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मैं
कहूँगा
तो
शहर
ये
तुम
सेे
पूछेगा
ज़रूर
मैं
तुम्हारे
हक़
में
ज़्यादा
बोल
भी
सकता
नहीं
Abhishek Shukla
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नहीं
है
वो
मेरी
क़िस्मत
में
हाँ
ये
जानता
हूँ
मैं
नशे
में
भी
रहूँ
तब
भी
उसे
पहचानता
हूँ
मैं
नहीं
मैं
मानता
कि
इश्क़
में
शामिल
रहें
दो
जिस्म
किसी
का
रात
भर
रोना
मोहब्बत
मानता
हूँ
मैं
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Abhishek Shukla
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इक
दरिया
है
बहता
बहता
और
समुंदर
गहरा
है
उसकी
आँखों
में
जितना
है
सारा
मंज़र
गहरा
है
इतनी
जल्दी
भर
जाएगा
ये
ऐसा
भी
ज़ख़्म
नहीं
बड़ी
तसल्ली
से
मारा
है
उसने
ख़ंजर
गहरा
है
यूँँ
हँसने
से
क्या
होता
है,
आँखों
को
देखा
कीजे
बाहर
जो
जितना
छिछला
है
उतना
अंदर
गहरा
है
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Abhishek Shukla
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न
बहें
तो
क्या
करें
फिर
आप
ही
कहिए
ज़रा
आप
सागर
से
नदी
का
फासला
तो
देखिये
Abhishek Shukla
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