hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Shobhit Dixit
kaagaz kii naav banaate the
kaagaz kii naav banaate the | काग़ज़ की नाव बनाते थे
- Shobhit Dixit
काग़ज़
की
नाव
बनाते
थे
और
उस
पर
भी
इतराते
थे
अब
तो
छुट्टी
भर
है
बस
तब
दीवाली
यार
मनाते
थे
- Shobhit Dixit
Download Sher Image
देखो
शैतान
बुरा
होता
है
उस
सेे
इंसान
बुरा
होता
है
सबके
मजहब
अच्छे
होते
हैं
किसका
भगवान
बुरा
होता
है
इश्क़
मोहब्बत
प्यार
वगैरा
मत
कर
नादान
बुरा
होता
है
गाड़ी
जीवन
की
तेज
चलाओ
लेकिन
चालान
बुरा
होता
है
दरख़्त
में
क्या
अच्छा
ख़राब
वो
तो
बागान
बुरा
होता
है
Read Full
Shobhit Dixit
Download Image
0 Likes
हर
सफ़र
में
ख़ूबसूरती
को
चाहिए
कुछ
हसीन
लोग
और
प्यारे
रास्ते
Shobhit Dixit
Send
Download Image
1 Like
लोग
हमको
भी
क्या
क्या
बताते
रहे
हम
भी
उनकी
ही
बातों
में
आते
रहे
एक
कहानी
अधूरी,
अधूरी
थी
बस
हम
थे
किरदार
नए,
नए
बनाते
रहे
नींद
होनी
थी
आँखों
की
अपनी
मगर
हम
तो
अपने
सपने
को
सुलाते
रहे
झूठी
थी
सब
क़स
में
बुनियाद
की
सो
झूठे
वादों
के
मलबे
उठाते
रहे
आने
वाले
तो
आते
रहे
उम्र
भर
जाने
वाले
जो
लोग
थे
जाते
रहे
Read Full
Shobhit Dixit
Download Image
1 Like
सब
सेे
कठिन
सवाल
पूछता
है
हम
सेे
हमारा
हाल
पूछता
है
जवाब
कहकहे
से
निकलते
हैं
पूछने
वाला
बेमिसाल
पूछता
है
Read Full
Shobhit Dixit
Send
Download Image
2 Likes
शरीर
का
वास्ता
है
साँस
से
या
रूह
से
या
शुक्रिया
अदा
करें
उसकी
तस्वीर
का
Shobhit Dixit
Send
Download Image
2 Likes
Read More
Akbar Allahabadi
Krishna Bihari Noor
Shariq Kaifi
Mohammad Alvi
Anjum Rehbar
Abhishar Geeta Shukla
Ali Zaryoun
Zehra Nigaah
Amjad Islam Amjad
Asad Bhopali
Get Shayari on your Whatsapp
haseen Shayari
Teacher Shayari
Chai Shayari
Fasad Shayari
Violence Shayari