शक्लनहींमिलतीहैपरअबकुछऐसाकरजाऊँमैं
ताकिअबअपनेकर्मसेपापाबिल्कुलतुझपरजाऊँमैं
माँकोतन्हाछोड़आयाथाकुछबननेकीचाहतमें
लेकिनअबइससोचमेंहूँक्यामुँहलेकेघरजाऊँमैं
करहीक्यापायामैंअबतककुछग़ज़लेंकहनेकेसिवा
कभीकभीतोजीकरताहैकुछखाकेमरजाऊँमैं
ऐसानहींकिअपनेघरकीफ़िक्रनहींमुझकोलेकिन
सारीज़िल्लतइसख़ातिरहैताकिबड़ाकरजाऊँमैं
सुनाहैतुझसेठोकरखाकरलोगसँवरनेलगतेहैं
सोचताहूँतेरेचौखटपरदिलअपनाधरजाऊँमैं