shakl nahin milti hai par ab kuchh aisa kar jaaun main | शक्ल नहीं मिलती है पर अब कुछ ऐसा कर जाऊँ मैं

  - SHIV SAFAR
शक्लनहींमिलतीहैपरअबकुछऐसाकरजाऊँमैं
ताकिअबअपनेकर्मसेपापाबिल्कुलतुझपरजाऊँमैं
माँकोतन्हाछोड़आयाथाकुछबननेकीचाहतमें
लेकिनअबइससोचमेंहूँक्यामुँहलेकेघरजाऊँमैं
करहीक्यापायामैंअबतककुछग़ज़लेंकहनेकेसिवा
कभीकभीतोजीकरताहैकुछखाकेमरजाऊँमैं
ऐसानहींकिअपनेघरकीफ़िक्रनहींमुझकोलेकिन
सारीज़िल्लतइसख़ातिरहैताकिबड़ाकरजाऊँमैं
सुनाहैतुझसेठोकरखाकरलोगसँवरनेलगतेहैं
सोचताहूँतेरेचौखटपरदिलअपनाधरजाऊँमैं
  - SHIV SAFAR
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