जिसेसमझरहाथामैंकिवोमेराहबीबथा
यक़ीनकेनक़ाबमेंवोअस्लमेंरक़ीबथा
मुझेकभीमिलीनहींख़ुशीकिसीकेसाथकी
करूँँॅंभलागिलामैंक्यूँँअगरयहीनसीबथा
जोमुफ़लिसीमेंमरगयाइलाज़केबग़ैरही
मेरेक़दीममर्ज़कावहीतोइकतबीबथा
कभीसमझनहींसकामैंइश्क़कीवोसाजिशें
'अजीबथीवफ़ातेरीवोसाथभी'अजीबथा
बनालियाहूँख़ुदकोअबगलीज़तेरीचाहमें
नहींतोशाहीख़ूनकामैंभीकभीनज़ीबथा
ज़मानेकीनज़रमेंथाजोकुफ़्रसेभराहुआ
मेरेदिल-ए-मज़ारपेवोइश्क़काख़तीबथा