ek hasrat hai tumko paane ki | एक हसरत है तुमको पाने की

  - SHIV SAFAR
एकहसरतहैतुमकोपानेकी
जीतेजीतेहीजाँसेजानेकी
तुमजोपत्थरहोमेरीराहोंमें
क्यूँचाहूँमैंचोटखानेकी
गरहोक़ातिलतुम्हारेजैसातो
कौनचाहेमौतपानेकी
सारीतकलीफ़ेंहँसकेलेलूँगा
तेरीख़ातिरमैंइसज़मानेकी
दर्दपानेकीचाहमेंमैंने
दीहैकीमतभीमुस्कुरानेकी
जिस्मनेऐसेरूहकोनोचा
फिरसोचेगादिललगानेकी
देकोईमौतअबमुझेयारो
यादवाउसकोभूलजानेकी
अश्कअबमैंनेपीनासीखाहै
अबतोआदतहैग़मपचानेकी
  - SHIV SAFAR
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