isliye shab so nahin paata hoon main | इसलिए शब सो नहीं पाता हूॅं मैं

  - SHIV SAFAR
इसलिएशबसोनहींपाताहूॅंमैं
दिनमेंखुलकेरोनहींपाताहूॅंमैं
मिलहीजाताहूॅंमैंख़ुदकोभीड़में
चाहकरभीखोनहींपाताहूॅंमैं
ज़िंदगीकेग़मबहुतहल्केहैंदोस्त
ख़ुशियाँहैंजोढोनहींपाताहूॅंमैं
हैपड़ीबंजरख़यालोंकीज़मीं
इसलिएकुछबोनहींपाताहूॅंमैं
ख़ूनधुलजातेहैंपरअश्कोंकेदाग़
लाखचाहूॅंधोनहींपाताहूॅंमैं
आख़िरशहोताहैक्याउसख़्वाबका
देखकरभीजोनहींपाताहूॅंमैं
रोज़उठकेज़िक्र-ए-हक़करताहूॅंमैं
सिर्फ़ज़िंदाहोनहींपाताहूॅंमैं
इस‘सफ़र’मेंमोड़बनजाताहैफिर
शख़्सवोजिसकोनहींपाताहूॅंमैं
  - SHIV SAFAR
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