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shaan manral
kal hamaare kaam ki chhutti rahegi isliye
kal hamaare kaam ki chhutti rahegi isliye | कल हमारे काम की छुट्टी रहेगी इसलिए
- shaan manral
कल
हमारे
काम
की
छुट्टी
रहेगी
इसलिए
देर
तक
जागे
रहेंगे
सुब्ह
तक
मातम
रहेगा
- shaan manral
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तन्हा
ही
सही
लड़
तो
रही
है
वो
अकेली
बस
थक
के
गिरी
है
अभी
हारी
तो
नहीं
है
Ali Zaryoun
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अब
ये
भी
नहीं
ठीक
कि
हर
दर्द
मिटा
दें
कुछ
दर्द
कलेजे
से
लगाने
के
लिए
हैं
Jaan Nisar Akhtar
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तकल्लुफ़
छोड़कर
आओ
उसे
फिर
से
जिया
जाए
हमारा
बचपना
जो
एल्बमों
में
क़ैद
रहता
है
Shiva awasthi
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शब
की
आग़ोश
में
महताब
उतारा
उस
ने
मेरी
आँखों
में
कोई
ख़्वाब
उतारा
उस
ने
Azm Shakri
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मैं
पा
सका
न
कभी
इस
ख़लिश
से
छुटकारा
वो
मुझ
से
जीत
भी
सकता
था
जाने
क्यूँँ
हारा
Javed Akhtar
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ये
आग
वाग
का
दरिया
तो
खेल
था
हम
को
जो
सच
कहें
तो
बड़ा
इम्तिहान
आँसू
हैं
Abhishek shukla
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तुझे
छूकर
अभी
तक
होश
में
हूँ
कमी
कोई
कहीं
तो
रह
गई
है
Abhay Mishra
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तू
किसी
और
ही
दुनिया
में
मिली
थी
मुझ
सेे
तू
किसी
और
ही
मौसम
की
महक
लाई
थी
डर
रहा
था
कि
कहीं
ज़ख़्म
न
भर
जाएँ
मेरे
और
तू
मुट्ठियाँ
भर-भर
के
नमक
लाई
थी
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Tehzeeb Hafi
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आख़िर
में
यूँँ
हुआ
कि
मिरी
मात
हो
गई
मैं
उसके
साथ
थी
जो
ज़माने
के
साथ
था
Parul Singh "Noor"
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लबों
में
आ
के
क़ुल्फ़ी
हो
गए
अश'आर
सर्दी
में
ग़ज़ल
कहना
भी
अब
तो
हो
गया
दुश्वार
सर्दी
में
Sarfaraz Shahid
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बरसों
से
ही
रहना
कोई
दश्त
में
होता
है
फिर
भी
जाने
दिल
में
फ़स्ल-ए-गुल
का
मौसम
क्यूँँ
shaan manral
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अपनी
आँखें
भिगो
नहीं
सकता
और
मायूस
हो
नहीं
सकता
अब
उन्हें
भूलना
ज़रूरी
है
ज़िंदगी
भर
मैं
रो
नहीं
सकता
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shaan manral
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हर
घड़ी
बस
उदास
रहते
हो
जान
आख़िर
तुम्हें
हुआ
क्या
है
shaan manral
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इश्क़
है
दर्द
भी
रुसवाई
भी
ये
ज़रा
सा
है
तमाशाई
भी
ये
मोहब्बत
तो
अता
करती
है
जान-ए-जाँ
थोड़ी
सी
तन्हाई
भी
तेरी
आहट
है
अभी
तक
ज़िंदा
सच
है
लेकिन
है
ये
दुख-दाई
भी
बस
ख़ुशी
की
ही
तमन्नाई
क्यूँँ
थोड़े
दुख
की
हो
पज़ीराई
भी
आ
कभी
तू
मिरे
दर
पे
वर्ना
रूठ
जायेगी
ये
बीनाई
भी
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shaan manral
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सच
की
परतें
जो
खुलेंगी
तो
छुपायेगा
मुँह
झूठ
पे
झूठ
ज़रूरत
से
ज़ियादा
मत
बोल
shaan manral
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