hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Asad Khan
dil pareshaan bhi guzar jaata
dil pareshaan bhi guzar jaata | दिल परेशान भी गुज़र जाता
- Asad Khan
दिल
परेशान
भी
गुज़र
जाता
तेरा
तूफ़ान
भी
गुज़र
जाता
तू
जो
लौट
आता
चाँद
रात
अगर
मेरा
रमज़ान
भी
गुज़र
जाता
- Asad Khan
Download Sher Image
ख़ैरात
में
अब
दे
दिया
जाए
इसे
हर
रात
नीदें
ज़ाया'
होती
रहती
हैं
Nishant Singh
Send
Download Image
1 Like
नींद
भी
जागती
रही
पूरे
हुए
न
ख़्वाब
भी
सुब्ह
हुई
ज़मीन
पर
रात
ढली
मज़ार
में
Adil Mansuri
Send
Download Image
32 Likes
कब
ठहरेगा
दर्द
ऐ
दिल
कब
रात
बसर
होगी
सुनते
थे
वो
आएँगे
सुनते
थे
सहर
होगी
Faiz Ahmad Faiz
Send
Download Image
40 Likes
मौत
ने
सारी
रात
हमारी
नब्ज़
टटोली
ऐसा
मरने
का
माहौल
बनाया
हमने
घर
से
निकले
चौक
गए
फिर
पार्क
में
बैठे
तन्हाई
को
जगह-जगह
बिखराया
हमने
Read Full
Shariq Kaifi
Send
Download Image
58 Likes
सखी
को
हमारी
नज़र
लग
न
जाए
उसे
ख़्वाब
में
रात
भर
देखते
हैं
Sahil Verma
Send
Download Image
25 Likes
जैसे
देखा
हो
आख़िरी
सपना
रात
इतनी
उदास
थीं
आँखें
Siraj Faisal Khan
Send
Download Image
27 Likes
मैं
सो
रहा
हूँ
तेरे
ख़्वाब
देखने
के
लिए
ये
आरज़ू
है
कि
आँखों
में
रात
रह
जाए
Shakeel Azmi
Send
Download Image
61 Likes
भूला
नहीं
हूँ
आज
भी
हालात
गाँव
के
हाँ,
शहर
आ
गया
हूँ
मगर
साथ
गाँव
के
दुनिया
में
मेरा
नाम
जो
रोशन
हुआ
अगर
जलने
लगेंगे
बल्ब
भी
हर
रात
गाँव
के
Read Full
Tanoj Dadhich
Send
Download Image
40 Likes
कहाँ
है
तू
कि
तिरे
इंतिज़ार
में
ऐ
दोस्त
तमाम
रात
सुलगते
हैं
दिल
के
वीराने
Nasir Kazmi
Send
Download Image
21 Likes
गुज़रने
ही
न
दी
वो
रात
मैं
ने
घड़ी
पर
रख
दिया
था
हाथ
मैं
ने
Shahzad Ahmad
Send
Download Image
26 Likes
Read More
मेरे
पीछे
ज़माना
पड़
गया
है
गले
रब
को
लगाना
पड़
गया
है
बनाना
था
कहीं
पर
ग्लोब
हम
को
तेरा
चेहरा
बनाना
पड़
गया
है
Read Full
Asad Khan
Send
Download Image
0 Likes
उसकी
सभी
बातों
पे
पर्दा
होता
है
ऊपर
से
उसका
मीठा
लहजा
होता
है
अब
सामने
हूँ
तेरे
मुझको
देख
तो
ठहरा
हुआ
दरिया
भी
कैसा
होता
है
Read Full
Asad Khan
Send
Download Image
0 Likes
वो
मेरे
साथ
बस
इतना
रहेगा
मुझे
तो
लगता
था
लंबा
रहेगा
मुबारक
हो
तुम्हें
अपनी
ये
दौलत
ये
सिक्का
खोटा
था
खोटा
रहेगा
मेरी
दुनिया
से
कोई
तो
गया
था
यही
इक
ग़म
मुझे
खाता
रहेगा
करूँँ
कितना
भी
मैं
सीना
कुशादा
ख़ुदा
का
ख़ौफ़
तो
बरपा
रहेगा
अगर
तू
ही
लकीरों
से
निकल
जाए
भला
इन
हाथों
में
फिर
क्या
रहेगा
यक़ीनन
तेरी
पूरी
ज़िंदगी
में
'असद'
के
नाम
का
नुक्ता
रहेगा
Read Full
Asad Khan
Download Image
0 Likes
इन्हें
मालूम
है
रुतबा
हमारा
सो
ये
सुनते
नहीं
रोना
हमारा
बिता
दी
उम्र
सारी
इस
गुमाँ
में
अभी
तो
ज़िंदा
है
रिश्ता
हमारा
तेरी
तस्वीर
जब
होती
थी
इस
में
भरा
ही
रहता
था
बटवा
हमारा
वो
वाली
बेंच
पर
तुम
बैठना
सिर्फ़
वहाँ
पर
नाम
लिख
देना
हमारा
मुहब्बत
में
गुज़ारी
थी
जवानी
बुढ़ापे
में
हुआ
झगड़ा
हमारा
Read Full
Asad Khan
Download Image
0 Likes
वैसे
तो
उम्र
थी
पढ़ाई
की
ख़ैर
हम
ने
ग़ज़ल
सराई
की
Asad Khan
Send
Download Image
1 Like
Read More
Vishal Singh Tabish
Iftikhar Arif
Jaleel Manikpuri
Haseeb Soz
Abhishar Geeta Shukla
Ibn E Insha
Nazeer Banarasi
Muneer Niyazi
Iftikhar Naseem
Iqbal Ashhar
Get Shayari on your Whatsapp
Happy New Year Shayari
Hijrat Shayari
DP Shayari
Basant Shayari
Adaa Shayari