hi
0
Search
Shayari
Writers
Events
Blog
Store
Help
Login
By:
00:00/00:00
Asad Khan
sab shuroo men hamse achha bolte hain
sab shuroo men hamse achha bolte hain | सब शुरू में हम सेे अच्छा बोलते हैं
- Asad Khan
सब
शुरू
में
हम
सेे
अच्छा
बोलते
हैं
बेसबब
फिर
उल्टा
सीधा
बोलते
हैं
आज
इक
चिड़िया
ने
मुझको
ये
बताया
पेड़
इक
दूजे
से
कितना
बोलते
हैं
दोस्त
कुछ
ऐसे
मिले
हैं
इस
सफ़र
में
शे'र
कैसा
भी
हो
अच्छा
बोलते
हैं
- Asad Khan
Download Ghazal Image
अपनी
दीद
की
कुछ
यूँँ
तासीर
भेजी
है
लिबास-ए-ईद
में
उसने
तस्वीर
भेजी
है
Asad Khan
Send
Download Image
0 Likes
ख़ुदाया
गुज़ारिश
है
ईमान
के
साथ
उसे
लौटा
दे
फिर
से
रमज़ान
के
साथ
Asad Khan
Send
Download Image
2 Likes
ये
तेरे
ख़्वाब
से
जुड़ी
हुई
है
नींद
जो
आँख
में
भरी
हुई
है
मेरे
तो
सारे
ज़ख़्म
ताज़ा
हैं
आपकी
चोट
ही
सड़ी
हुई
है
ऐसा
क्या
काम
है
तुझे
ऐ
दोस्त
जाने
की
जल्दी
क्यूँ
लगी
हुई
है
आज
भी
इंतिज़ार
में
तेरे
इक
घड़ी
मेज़
पर
पड़ी
हुई
है
चंद
नोटों
के
नीचे
बटवे
में
उसकी
तस्वीर
भी
रखी
हुई
है
दिल
को
पत्थर
बना
के
रक्खा
है
ज़िंदगी
ठाठ
पे
अड़ी
हुई
है
Read Full
Asad Khan
Download Image
2 Likes
तुम्हें
लगता
है
तेज़ी
हो
रही
है
हमारी
उम्र
छोटी
हो
रही
है
वहाॅं
पे
कोई
फाॅंसी
खा
रहा
है
वहाॅं
पे
कोई
शादी
हो
रही
है
ख़यालों
की
ही
वेकेंसी
न
आई
कई
शे'रों
की
भर्ती
हो
रही
है
हमें
सपने
दिखाए
जा
रहे
हैं
किसी
की
नींद
पूरी
हो
रही
है
हमारा
जिस्म
सूखा
पड़
रहा
है
हमारी
रूह
प्यासी
हो
रही
है
गया
वो
छोड़
के
क़िस्सा
करो
ख़त्म
असद
दफ़्तर
में
देरी
हो
रही
है
Read Full
Asad Khan
Download Image
1 Like
कि
शहज़ादा
किसी
के
साथ
शहज़ादी
किसी
के
साथ
नहीं
चाहा
था
फिर
भी
हो
गई
शादी
किसी
के
साथ
Asad Khan
Send
Download Image
1 Like
Read More
Bahadur Shah Zafar
Vishal Bagh
Sarvat Husain
Shahzad Ahmad
Hafeez Banarasi
Unknown
Krishna Bihari Noor
Khalid Nadeem Shani
Shahid Zaki
Abbas Tabish
Get Shayari on your Whatsapp
Allahabad Shayari
Gussa Shayari
Satire Shayari
Jazbaat Shayari
DP Shayari