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Shams Amiruddin
suno na jaan mirii aaj shaam tum thehar jaao
suno na jaan mirii aaj shaam tum thehar jaao | सुनो न जान मेरी आज शाम तुम ठहर जाओ
- Shams Amiruddin
सुनो
न
जान
मेरी
आज
शाम
तुम
ठहर
जाओ
शराब
की
मिरी
ये
तिश्नगी
बुझा
के
घर
जाओ
- Shams Amiruddin
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ता'रीफ़
सुन
रहा
हूँ
बहुत
तेरे
हाथ
की
साक़ी
मेरे
लिए
भी
ज़रा
सी
निकाल
दे
Shadab Javed
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साक़ी
कुछ
आज
तुझ
को
ख़बर
है
बसंत
की
हर
सू
बहार
पेश-ए-नज़र
है
बसंत
की
Ufuq Lakhnavi
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छू
लेने
दो
नाज़ुक
होंठों
को,
कुछ
और
नहीं
हैं
जाम
हैं
ये
क़ुदरत
ने
जो
हमको
बख़्शा
है,
वो
सब
सेे
हसीं
ईनाम
हैं
ये
Sahir Ludhianvi
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इश्क़
में
धोखा
खाने
वाले
बिल्कुल
भी
मायूस
न
हो
इस
रस्ते
में
थोड़ा
आगे
मयख़ाना
भी
आता
है
Darpan
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दुनिया
को
मारा
जिगर
के
शे'रों
ने
जिगर
को
शराब
ने
मारा
Jigar Moradabadi
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इसी
फ़कीर
की
गफ़लत
से
आगही
ली
है
मेरे
चराग़
से
सूरज
ने
रौशनी
ली
है
गली-गली
में
भटकता
है
शोर
करता
हुआ
हमारे
इश्क़
ने
सस्ती
शराब
पी
ली
है
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Ammar Iqbal
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बोसाँ
लबाँ
सीं
देने
कहा
कह
के
फिर
गया
प्याला
भरा
शराब
का
अफ़्सोस
गिर
गया
Abroo Shah Mubarak
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मुझे
ये
फ़िक्र
सब
की
प्यास
अपनी
प्यास
है
साक़ी
तुझे
ये
ज़िद
कि
ख़ाली
है
मिरा
पैमाना
बरसों
से
Majrooh Sultanpuri
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हक़ीक़तों
की
तल्ख़ियाँ
भी
मीठे
ख़्वाब
की
तरह
मुझे
शराब
दे
रही
है
वो
गुलाब
की
तरह
Rachit Sonkar
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ज़िंदगी
हमने
तुझे
दूर
से
पहचाना
है
तू
किसी
रिन्द
का
उजड़ा
हुआ
मैख़ाना
है
Jaani Lakhnavi
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हाँ
ये
लहजा
तिरा
बता
रहा
हैं
पहले
सी
बात
अब
नहीं
तुझ
में
ख़ुद
को
तुम
क्यूँ
बदलती
जा
रही
हो
ऐसा
भी
क्या
ही
मिल
गया
है
तुम्हें
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Shams Amiruddin
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अहद-ए-वफ़ा
और
झूट
मैं
सब
सीख
लूँ
रस्म-ए-मोहब्बत
तुम
सिखाओ
तो
सही
Shams Amiruddin
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किरदार
देखें
हम
ने
बा-किरदार
के
वो
शख़्स
कल
पीछे
दिखा
दीवार
के
Shams Amiruddin
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ज़िंदगी
ये
थी
जिसके
लिए
तुम
ही
तुम
थी
वो
मेरे
लिए
क्या
ज़माना
था
वो
तुम
भी
जब
माँगे
थे
ख़ुद
को
मेरे
लिए
मुद्दतों
से
कई
मैंने
भी
जो
किया
कुछ
न
तेरे
लिए
इक
दु'आ
माँगी
है
इसलिए
ख़ुश
रहो
तुम
सदा
के
लिए
माँग
लो
तुम
ख़ुदास
कभी
अब
दु'आ
एक
ख़ुद
के
लिए
हो
भी
पूरी
ये
ख़्वाहिश
तिरी
जो
मैं
मर
जाऊँ
तेरे
लिए
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Shams Amiruddin
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सरसरी
सी
ये
बात
जा-गुज़ीं
है
के
हया
उन
में
थोड़ी
भी
नहीं
है
लोग
वो
ख़ाक
होंगे
ग़ैरतमंद
जो
वफ़ादार
इक
ज़रा
नहीं
है
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Shams Amiruddin
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