करबोबलासेरिश्ता-ए-उल्फ़तकोतोड़दूँ
वोचाहताहैफ़ितरत-ए-हक़-गोईछोड़दूँ
येक़ल्बमिस्ल-ए-ख़ाना-ए-काबाहैदोस्तो
बतलाओकैसेख़ाना-ए-काबाकोतोड़दूँ
रंगतनिखारनेकेलिएगुलकीगुलपेमैं
ख़ून-ए-जिगरसेतरयेगिरेबाँनिचोड़दूँ
येख़्वाबदेखाकरतीहैंहररोज़हिज्रके
अच्छाहैमेरेहक़मेंमैंआँखोंकोफोड़दूँ
बसतेराएहतिरामहैजोसरनिगूँहूँमैं
वरनाहवाकारुख़तोइशारेसेमोड़दूँ
कबतकलिएफिरोगेइसेऐसेख़स्ताहाल
लाओयेअपनाटूटाहुआदिलदोजोड़दूँ