हिज्र को अपने फ़साना नहीं होने दूँगा

  - Shajar Abbas
हिज्रकोअपनेफ़सानानहींहोनेदूँगा
तुमकोरुसवा-ए-ज़मानानहींहोनेदूँगा
यादकीतेग़सेनोचूँगामैंहररोज़इन्हें
दिलकेज़ख़्मोंकोपुरानानहींहोनेदूँगा
राहज़नबनकेजिसेहुस्नहरइकदिनलूटे
अपनेदिलकोवोख़ज़ानानहींहोनेदूँगा
उसकीज़ुल्फ़ोंकोपरेशानीकामज़हरकरके
मौसम-ए-शहरसुहानानहींहोनेदूँगा
अपनासररखकेलहूरोऊँगाइसपरमैंशजर
पलकोवीराँतिराशानानहींहोनेदूँगा
  - Shajar Abbas
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