अबयादमुझेकोईपुरानीनहींआती
ठहरेहुएदरियामेंरवानीनहींआती
हैतुझपेजवानीतोजवानीकीक़दरकर
फिरलौटकेवापसयेजवानीनहींआती
रोतेहुएबच्चेकोभलाकैसेकरूँँचुप
मुझकोतोकहानीभीबनानीनहींआती
कहतेहोकिहोहज़रत-ए-शब्बीरकेेपैरो
बातिलसेतुम्हेंआँखमिलानीनहींआती
जोबातशजरहोतीहैउसशख़्सकेदिलमें
वोबातलबोंपरउसेलानीनहींआती