aah mazloom ke gar dil se nikal jaati hai | आह मज़लूम के गर दिल से निकल जाती है

  - Shajar Abbas
आहमज़लूमकेगरदिलसेनिकलजातीहै
हाकिम-ए-वक़्तयेमसनदकोनिगलजातीहै
हौसलाआपकाफ़ौलादसाहोजाताहै
मोमकीतरहसेचट्टानपिघलजातीहै
रबसेमाँगाकरोरो-रोकेदु'आओंमेंमुझे
किदु'आओंसेतक़दीरबदलजातीहै
जिसतरहबच्चामचलताहैखिलौनेकेलिए
इसतरहदेखकेवोमुझकोमचलजातीहै
बलनहींजातेहैंरस्सीकेहक़ीक़तहैशजर
मानलेबातमेरीरस्सीतोजलजातीहै
  - Shajar Abbas
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